यूपी के हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब शुक्रवार देर रात 2 बजे गिर गया। हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई। स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) ने मलबे में फंसे 3 मजदूरों को निकाला। साढ़े 7 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला।
उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि आंधी-बारिश के कारण स्लैब गिरा और नीचे सो रहे मजदूर दब गए। हादसे के बाद सहायक अभियंता गजेंद्र कुमार चौधरी को निलंबित कर दिया गया है। डीपीएम दिलीप कुमार पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जा रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक, हमीरपुर में देर रात 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली थी। हादसा शहर से 25 किमी. दूर ललपुरा इलाके में हुआ। मृतकों में 4 बांदा और 2 हमीरपुर के रहने वाले थे। SDRF के अधिकारियों ने बताया कि रात ढाई बजे से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो चुका है।
प्रत्यक्षदर्शी सुरेश कुमार ने बताया-

पुल पर दो शिफ्ट में काम होता है। जिस वक्त आंधी आई, पहली शिफ्ट के लोग पुल के नीचे थे, जबकि दूसरी शिफ्ट के 7 मजदूर पुल पर काम कर रहे थे। उनमें मैं भी था। आंधी से बचने के लिए हम लोग पुल पर लेट गए। इसी बीच हादसा हो गया।

उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम पुल का निर्माण करवा रहा है। इसकी लागत 90 करोड़ रुपए है। 700 मीटर लंबा दो लेन का ब्रिज मोराकांड से कुरारा गांव के बीच बनाया जा रहा है। इसका निर्माण मार्च 2024 में शुरू हुआ था। दिसंबर 2026 तक इसे पूरा किया जाना है।
सहायक अभियंता निलंबित, डीपीएम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश
- यूपी ब्रिज कारपोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने बताया- मामले में प्रथम दृष्टया सहायक अभियंता गजेंद्र कुमार चौधरी को निलंबित किया है। डीपीएम दिलीप कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
- उन्होंने बताया कि मामले में विभागीय जांच के लिए कमेटी गठित की है। जांच कमेटी में संयुक्त प्रबंध निदेशक, मुख्य परियोजना प्रबंधक (डिजाइन) और मुख्य परियोजना प्रबंधक, कानपुर शामिल हैं।
हादसे के जान गंवाने वाले गंगाचरण दो दिन पहले ही हमीरपुर गए थे
हादसे के जान गंवाने वाले गंगाचरण (26) पुत्र शोभरन सिंह निवासी भूरागढ़ दो भाइयों में बड़े थे। परिवार में उनके छोटे भाई राजीव (20) हैं। परिजनों के मुताबिक, गंगाचरण ने कक्षा 8 तक पढ़ाई की थी। वह करीब दो महीने पहले घर लौट आए थे, लेकिन परसों ठेकेदार का फोन आने पर दोबारा काम के लिए बांदा से हमीरपुर चले गए थे।
परिजनों ने बताया- उन्हें सूचना मिली थी कि तेज तूफान के दौरान निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिर गया, जिसमें उनका भतीजा पप्पू भी दब गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्य सुन यादव, मनोज यादव और पंकज यादव मौके के लिए रवाना हुए। मृतक की उम्र करीब 26 वर्ष बताई जा रही है।
तस्वीरें देखिए-

पुलिस के मुताबिक, मलबे में 3 लोग फंसे हुए थे, जिन्हें स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) ने रेस्क्यू कर बचा लिया।

साढ़े 7 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। SDRF और पुलिस की टीम ने फंसे लोगों को बाहर निकाला।

लोहे के पिलरों के बीच लोग इस तरह फंसे हुए थे कि निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।