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16 मई 2026
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पैसे डबल के चक्कर में फंसा डॉक्टर, 12 करोड़ से ज्यादा की हुई साइबर ठगी

पैसे डबल के चक्कर में फंसा डॉक्टर, 12 करोड़ से ज्यादा की हुई साइबर ठगी
पैसे डबल के चक्कर में फंसा डॉक्टर, 12 करोड़ से ज्यादा की हुई साइबर ठगी

नई दिल्ली। पुणे के 75 साल के एक डॉक्टर से साइबर जालसाजों ने 12.31 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने उन्हें स्टॉक मार्केट में निवेश करके सिर्फ 11 दिनों में उनका पैसा दोगुना करने का लालच दिया था।

धोखेबाजों ने उस बुजुर्ग व्यक्ति को भरोसा दिलाया कि उनके जरिए किया गया निवेश उसे 11 दिनों के भीतर ही 54 करोड़ रुपये तक का रिटर्न देगा। जल्दी और भारी मुनाफे के इस वादे पर भरोसा करते हुए ये डॉक्टर कई हफ्तों तक पैसे ट्रांसफर करते रहे।

जनवरी में शुरू हुई धोखाधड़ी

यह धोखाधड़ी इस साल जनवरी में शुरू हुई, जब पीड़ित को एक अनजान नंबर से मैसेज मिला जिसमें शेयर बाजार में निवेश के जरिए भारी मुनाफे का प्रस्ताव दिया गया था। जब उन्होंने दिलचस्पी दिखाई तो साइबर जालसाजों ने उन्हें "VIP Stock 24" नाम के एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ लिया।

इस ग्रुप के जरिए आरोपियों ने ऐसे निवेश प्लान शेयर किए जो आकर्षक और फायदेमंद लग रहे थे। डॉक्टर से बार-बार कहा गया कि अगर वह उनके निर्देशों का ठीक-ठीक पालन करने पर उनका पैसा महज 11 दिनों के भीतर कई गुना बढ़ जाएगा।

कई बैंक खातों में पैसे किए गए ट्रांसफर

पुलिस के अनुसार, रुचि व्यक्त करने के बाद पीड़ित को एक धोखाधड़ी वाले ट्रेडिंग एप्लिकेशन पर निर्देशित किया गया, जिसका नाम एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फर्म के नाम से काफी मिलता-जुलता था। उससे अपनी निजी और वित्तीय जानकारी साझा करने को कहा गया और फिर उसे कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया।

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने जो रकम भेजी उसे उस फर्जी ऐप पर निवेश के तौर पर दिखाया गया। साथ ही मनगढ़ंत मुनाफे भी दिखाए गए, जिससे यह पूरी योजना एकदम असली जैसी लगने लगी।

8 बैंक खातों में किए 12 करोड़ रुपये ट्रांसफर

7 मार्च से 18 मार्च के बीच पीड़ित ने आठ वित्तीय लेन-देन किए, जिसमें उसने धोखेबाजों द्वारा दिए गए आठ अलग-अलग बैंक खातों में कुल 12.31 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। पुलिस ने बताया कि जब उस व्यक्ति ने और पैसे लगाने में हिचकिचाहट दिखाई, तो आरोपी ने कथित तौर पर उसकी संपत्तियां जब्त करने की धमकी दी और उसे लगातार पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।

लगभग तीन महीनों तक पीड़ित वादे के मुताबिक रिटर्न मिलने की उम्मीद में पैसे भेजता रहा। लेकिन, जब उसे कोई पैसा वापस नहीं मिला और धोखेबाजों ने और पैसों की मांग जारी रखी तो उन्हें एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है। इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।