अजमेर के पुष्कर में कांग्रेस जिलाध्यक्षों के ट्रेनिंग कैंप
दैनिक सम्राट संवाददाता
अजमेर। अजमेर के पुष्कर में कांग्रेस जिलाध्यक्षों के ट्रेनिंग कैंप में राहुल गांधी ने नेताओं से नाटक करवाकर पार्टीं की खींचतान और टिकटों के लिए नेताओं के चक्कर लगाने की कल्चर पर तंज कसते हुए इसे खत्म करने को कहा। राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं से कहा- कांग्रेस तपस्या में यकीन करती है, पूजा में नहीं। पुष्कर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर के समापन कार्यक्रम में सोमवार को राहुल गांधी ने यह कहा।
राहुल गांधी ने विराट कोहली और जय शाह का उदाहरण देते हुए कहा- विराट कोहली क्रिकेट में जो मेहनत कर रहे हैं, वो तपस्या कर रहे हैं। विराट कोहली की सफलता तपस्या का परिणाम है। वहीं जय शाह की सफलता उनके पिता की पूजा का परिणाम है। कांग्रेस तपस्या की बात कर रही है, जबकि बीजेपी पूजा को महत्व दे रही है। हमें तपस्या पर ध्यान देना है। लोगों का केवल ध्यान आकर्षित करने की राजनीति ही बीजेपी कर रही है, लेकिन कांग्रेस को तपस्या करनी है।
वहीं राहुल गांधी ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा से कहा- आप आशीर्वाद मुद्रा में खड़े रहें। वहीं पूर्व मंत्री रामलाल जाट को मंच पर बुलाकर कहा- आप डोटासरा की कुर्सी खींचिए।
अजमेर के पुष्कर में कांग्रेस जिलाध्यक्षों के ट्रेनिंग कैंप में राहुल गांधी ने नेताओं से नाटक करवाकर पार्टीं की खींचतान और टिकटों के लिए नेताओं के चक्कर लगाने की कल्चर पर तंज कसते हुए इसे खत्म करने को कहा। राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं से कहा- कांग्रेस तपस्या में यकीन करती है, पूजा में नहीं। पुष्कर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर के समापन कार्यक्रम में सोमवार को राहुल गांधी ने यह कहा।
कांग्रेस नेताओं से राहुल ने करवाए नाटक
कांग्रेस में टिकट वितरण में नेताओं के चक्कर काटने पर राहुल गांधी ने नाटक करवाकर तंज कसा। राहुल गांधी ने 6 जिलाध्यक्षों को बुलाया। एक से कहा- तुम में से एक प्रदेश अध्यक्ष का रोल करो। बाकी सब टिकट और पद मांगने वाले बनो और प्रदेशाध्यक्ष के चारों तरफ परिक्रमा करो। राहुल गांधी के कहने पर सबने ऐसा ही किया।
रामलाल जाट से कहा- अब इनकी कुर्सी खींचो
राहुल गांधी ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा से कहा- आप यहां आकर आशीर्वाद मुद्रा में खड़े रहें। डोटासरा सामने अशीर्वाद की मुद्रा में हाथ सामने रखकर खड़े हो गए। इसके बाद कुछ जिलाध्यक्षों को बुलाया। एक से कहा- अध्यक्ष के सामने हाथ जोडक़र खड़े हो जाओ, दूसरे से कहा- हाथ जोडक़र बैठ जाओ। तीसरे से कहा- आप घुटनों के बल हाथ जोडक़र बैठो। चौथे जिलाध्यक्ष से कहा- आप कनक दंडवत करो।
राहुल ने कहा- इस तरह टिकट के लिए चक्कर काटते हैं। फिर अध्यक्ष तो कहता है मैं तो कनक दंडवत करने वाले को टिकट दूंगा। फिर राहुल गांधी ने पूछा- इतना गिरने वालों को कोई वोट देगा क्या? तो टिकटों के लिए नेताओं के चक्कर लगाने के कल्चर से दूर रहकर जनता के बीच जाना होगा।
कांग्रेस में नेताओं के बीच चलने वाली खींचतान को भी राहुल गांधी ने नेताओं से नाटक करवाकर समझाया। डोटासरा जब कुर्सी से खड़े थे तो पूर्व मंत्री रामलाल जाट को मंच पर बुलाकर कहा- आप डोटासरा की कुर्सी खींचिए, ऐसे ही होता है न सब। यह खींचतान चलती है। राहुल गांधी ने नेताओं से कहा- हमें टिकटों से लेकर हर जगह पूजा और परिक्रमा की कल्चर को खत्म करना है, तपस्या की कल्चर को लाना है।
शिव और विष्णु से कांग्रेस-बीजेपी की तुलना
राहुल गांधी ने कहा- आज की राजनीति को शिव और विष्णु से समझिए। शिवजी अभय सिखाते हैं, मतलब डरो मत। शिव पार्वती को पूरा स्पेस देते हैं, तपस्या में लीन रहते हैं। उन्हें भौतिक संसाधनों, सुख-सुविधाओं, धन से कोई मतलब नहीं है। दूसरी तरफ विष्णु भगवान हैं। विष्णु के पास वैभव और एश्वर्य है, वे पत्नी से पांव दबवाते हैं। दूसरी तरफ शिव की वेशभूषा में सादगी है, वे अभय की मुद्रा में हैं। विष्णु चक्र रखते हैं।
कांग्रेस शिव परिवार की तरह, शिव की तरह तपस्या करें
राहुल गांधी ने कहा- शिव-पार्वती के बिना कुछ नहीं है। वे उन्हें हर जगह स्पेस देते हैं, जबकि लक्ष्मी विष्णु के पांव दबाती हैं। कांग्रेस और बीजेपी में भी यही फर्क है। कांग्रेस तपस्या और शांति में विश्वास करती है। बिना संसाधन, बिना धन शिव की तरह तपस्या में विश्वास करती है। शिव तपस्या, शांति, सादगी के साथ भरा-पूरा खुश परिवार है, जहां सबको स्पेस मिलता है, सब खुश हैं। कांग्रेस भी शिव परिवार की तरह है। उसे शिव परिवार की तरह बनाना है। शिव भोले भंडारी हैं। हम शिव की तरह तपस्या करें, शांति और सादगी से रहें।
