अमेरिका ने 74 दिनों की जंग में अब तक कम से कम 29 अरब डॉलर खर्च किए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के खिलाफ जारी जंग अमेरिका हर हाल में जीतेगा। चीन रवाना होने से पहले उन्होंने कहा, “ईरान या तो समझौता करेगा या फिर तबाह हो जाएगा।”
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका के पास हालात संभालने के लिए हर विकल्प मौजूद है। उन्होंने बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी बातचीत में ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट संकट पर भी चर्चा होगी। हालांकि, व्यापार बैठक का मुख्य मुद्दा रहेगा।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने 74 दिनों की जंग में अब तक कम से कम 29 अरब डॉलर खर्च किए हैं। यह रकम सिर्फ हथियारों और सैन्य उपकरणों पर खर्च हुई है। इसमें सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान का खर्च शामिल नहीं है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कांग्रेस से अतिरिक्त रक्षा बजट की मांग की। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे ताकतवर सैन्य शक्ति बने रहने के लिए अमेरिका को 1.5 लाख करोड़ डॉलर की जरूरत है।
पश्चिम एशिया युद्ध से भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा
स्विट्जरलैंड में स्विस नेशनल बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की तरफ से आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि अगर पश्चिम एशिया में युद्ध जारी रहा तो महंगाई बढ़ने का खतरा और बढ़ जाएगा।
IEA- होर्मुज संकट से दुनिया में तेल सप्लाई पर बड़ा असर
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने बताया कि मिडिल ईस्ट संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट में जारी बाधाओं की वजह से 2026 में दुनिया की तेल सप्लाई में हर दिन 39 लाख बैरल की कमी आ सकती है।
IEA के मुताबिक, इस साल वैश्विक तेल मांग में करीब 4.2 लाख बैरल प्रतिदिन की गिरावट आने का अनुमान है, लेकिन सप्लाई में होने वाली कमी इसके मुकाबले कहीं ज्यादा बड़ी है।
एजेंसी ने चेतावनी दी कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो तेल का बैकअप तेजी से घटेगा और आगे चलकर कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है।
ईरान और अजरबैजान के विदेश मंत्रियों में बातचीत
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अजरबैजान के विदेश मंत्री जेयहुन बायरामोव से फोन पर बात की।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, दोनों नेताओं ने आपसी रिश्तों और क्षेत्र के ताजा हालात पर चर्चा की। बातचीत में अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों पर भी बात हुई।
अजरबैजान ने संघर्ष के दौरान ईरान को मानवीय सहायता दी है और शांति कोशिशों में सहयोग की पेशकश भी की है।

1. अमेरिका-ईरान तनाव से तेल की कीमतों में बड़ा उछाल: शांति वार्ता अटकने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 3% से ज्यादा तेजी आई। ब्रेंट क्रूड 107.68 डॉलर प्रति बैरल और WTI 101.61 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।
2. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को 500KM का ‘ऑपरेशन जोन’ बताया: ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कहा कि अब होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि 500 किलोमीटर तक फैला ऑपरेशन एरिया माना जाएगा।
3. रिपोर्ट- पाकिस्तान ने ईरानी विमानों को अपने एयरबेस पर जगह दी: CBS न्यूज की रिपोर्ट में दावा किया गया कि पाकिस्तान ने अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए ईरानी सैन्य विमानों को नूर खान एयरबेस पर पार्किंग की अनुमति दी।
4. इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में 4 हवाई हमले किए: इजराइल ने लेबनान के नबातियेह क्षेत्र के जेबचीत कस्बे पर लगातार 4 एयरस्ट्राइक कीं। मस्जिद के आसपास भी हमला हुआ और बाद में तोपों से गोलाबारी की गई।
5. अमेरिका ऑयल रिजर्व से 5.33 करोड़ बैरल तेल रिलीज करेगा: ट्रम्प प्रशासन ने बढ़ती तेल कीमतों और सप्लाई संकट के बीच अमेरिकी स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से 5.33 करोड़ बैरल कच्चा तेल जारी करने का फैसला किया। यह तेल ऊर्जा कंपनियों को लोन के रूप में दिया जाएगा।