मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज उन्नति की तीसरी बैठक, विकास परियोजनाओं को समयसीमा में करें पूरा, गुणवत्ता का रखें विशेष ध्यान, पंच गौरव कार्यक्रम राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज उन्नति की तीसरी बैठक, विकास परियोजनाओं को समयसीमा में करें पूरा, गुणवत्ता का रखें विशेष ध्यान, पंच गौरव कार्यक्रम राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट

आमजन की हर छोटी समस्या का हो समाधान: मुख्यमंत्री

लगभग 4 हजार 258 करोड़ रुपे की 8 परियोजनाओं एवं 2 योजनाओं पर दिए दिशा-निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज उन्नति की तीसरी बैठक आयोजित हुई। इस दौरान उन्होंने लगभग 4 हजार 258 करोड़ रुपए की 7 विभागों की 8 परियोजनाओं एवं 2 योजनाओं की प्रगति को लेकर विस्तृत निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलक्टर एवं विभागों को संपर्क पोर्टल पर प्राप्त परिवेदनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित करने तथा इस संबंध में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कस्टम हायरिंग सेंटर्स की स्थापना की
शर्मा ने बजट घोषणाओं की अनुपालना में स्थापित होने वाले कस्टम हायरिंग सेंटर्स की स्थापना की प्रक्रिया में कृषि विभाग के अधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य की मॉनिटरिंग करते हुए नियमित प्रगति सुनिश्चित की जाए। ग्राम उत्थान शिविरों के दौरान प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर शीघ्र स्वीकृतियां जारी करें एवं केवीएसएस एवं जीएसएस द्वारा प्रेषित प्रस्तावों का निस्तारण किया जाए।
परिवादियों ने समस्या के समाधान पर जताया संतोष
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की छोटी से छोटी समस्या का समाधान करना हमारी सरकार का ध्येय है। उन्होंने निर्देश दिए कि संपर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कर लोगों को त्वरित राहत प्रदान की जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि सभी सचिवगण 181 कॉल सेंटर की विजिट के दौरान परिवेदनाओं पर ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा दिए गए जवाब की मॉनिटरिंग करें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जोधपुर के प्रेम प्रकाश विश्नाई एवं झुंझुनूं के मुकेश कुमार मीणा ने मुख्यमंत्री से संवाद कर संपर्क पोर्टल के माध्यम से अपनी समस्याओं के समाधान पर संतोष व्यक्त किया तथा मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
गोदामों की क्षमता का समुचित उपयोग हो सुनिश्चित
मुख्यमंत्री ने सहकारी संस्थाओं की भंडारण क्षमता में वृद्धि के लिए ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 एवं 500 मीट्रिक टन क्षमता के निर्माणाधीन गोदामों के कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए इसे शीघ्र पूरा करने तथा उनके समुचित उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करें। इसके लिए थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था के साथ गुणवत्ता आधारित मानकों की पालना सुनिश्चित की जाए।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना में निर्धारित हो टाइमलाइन
सीएम ने प्रदेश में ब्रह्मगुप्त सेंटर ऑफ फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज के तहत बनने वाले ब्लॉक चेन, साइबर सिक्योरिटी, एआई, क्वांटम कम्प्यूटिंग उत्कृष्ट केन्द्रों की स्थापना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि इस केन्द्र के प्रारंभिक डिलिवरेबल निर्धारित कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा इसका शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर माइन्स एण्ड मिनरल्स की स्थापना के संबंध में टाइमलाइन निर्धारित करते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
सभी औद्योगिक इकाइयों को सीईटीपी से जोड़े
मुख्यमंत्री ने कहा कि द्रव्यवती नदी में गिरने वाले नालों एवं औद्योगिक इकाइयों के अपशिष्ट को रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। साथ ही, उन्होंने शेष औद्योगिक इकाइयों को सीईटीपी से शीघ्र जोडऩे और इसके उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
सीएम ने कहा कि करतारपुरा अंडरपास के निर्माण के प्रस्ताव के संबंध में रेलवे के उच्चाधिकारियों से समन्वय कर शीघ्र अनुमोदन कराया जाए। उन्होंने फाटक के दोनों ओर सहकार मार्ग की दिशा में स्लिप लेन एवं सडक़ चौड़ाईकरण के कार्य को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने दूदू-सांभर-भाटीपुरा सडक़ निर्माण एवं नागौर में निजी कंपनी के ग्रीनफील्ड सीमेंट प्लांट के संचालन की प्रगति के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पंच गौरव कार्यक्रम की हो नियमित मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री ने पंच गौरव कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि यह राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर जिले की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि फसलों की प्रोसेसिंग यूनिट से जुडऩे के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए तथा उन्हें पर्यटन स्थलों के साथ जोडक़र रोजगार के नए अवसर सृजित करें। उन्होंने पंच गौरव कार्यक्रम के प्रभावी विस्तार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करते हुए मुख्य सचिव स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
सीएम ने स्मार्ट (सर्विस मेनेजमेंट विद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एण्ड रियल टाइम सिस्टम) के संबंध में कहा कि एआई/एमएल का उपयोग केवल डेटा मिलान तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इसे स्वत: ही पात्र लाभार्थियों की पहचान कर योजनाओं से जोडऩे में सक्षम बनाया जाए।
इस दौरान मुख्य सचिव ने राज उन्नति की पहली एवं दूसरी बैठक में दिए गए निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट से अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज-उन्नति की पहल की गई है। जिसके माध्यम से मुख्यमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीसी के माध्यम से सीधे संवाद कर प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा करते हैं तथा समस्या का वास्तविक समय में समाधान किया जाता है। राज्य सरकार के इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ नवाचार के रुप में मान्यता मिली है। इसकी गत दो बैठकों में 86 हजार 225 करोड़ रुपये की 12 परियोजनाओं की समीक्षा की गई है।

21 hours, 55 minutes ago जयपुर