नई दिल्ली। संजू सैमसन के शतक के बाद चेन्नई के स्पिनरों के जाल में मुंबई इंडियंस फंस गई। मुंबई को अपने घर पर सीएसके के खिलाफ 103 रनों से हार का सामना करना पड़ा है। चेन्नई ने मुकाबले को जीतकर सीजन की तीसरी जीत हासिल की है। चेन्नई के लिए संजू सैमसन ने कमाल की बैटिंग की और नाबाद 101 रनों की पारी खेली, जिसकी वजह से सीएसके ने 207 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
मुंबई की बल्लेबाजी मुकाबले में बुरी तरह से फ्लॉप रही और वो 104 रनों पर सिमट गई। इसी के साथ एमआई को सीजन की पांचवीं हार झेलनी पड़ी। ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली टीम के लिए स्पिनरों ने कमाल की गेंदबाजी की। अकील हुसैन ने 4 विकेट लेकर मुंबई को बैकफुट पर धकेल दिया और अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
संजू सैमसन ने खेली शतकीय पारी
संजू सैमसन की शानदार शतकीय पारी ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। संजू ने 54 गेंद में 101 रन की अविजित पारी खेली और टीम को 207 रन के स्कोर तक पहुंचाया। संजू मुंबई इंडियंस के विरुद्ध शतक लगाने वाले सीएसके के पहले बल्लेबाज हैं। उनसे पहले सीएसके का कोई भी बल्लेबाज मुंबई के विरुद्ध शतक नहीं लगा पाया था। संजू ने एक छोर संभाले रखा और टीम को मुश्किल हालात से उबारते हुए मजबूत स्थिति तक पहुंचाया।
सैमसन की यह पारी ऐसे समय आई जब चेन्नई की बल्लेबाजी लगातार लड़खड़ा रही थी। खराब शॉट चयन और लय की कमी के कारण एक के बाद एक विकेट गिरते रहे, लेकिन भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ने धैर्य और समझदारी के साथ अपनी पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करते हुए हर गेंद को उसकी मेरिट के आधार पर खेला और अंत तक नाबाद रहते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
ऋतुराज गायकवाड़ ने की थी आक्रामक शुरुआत
कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और सैमसन ने पावरप्ले में तेजी से रन जोड़े और टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। हार्दिक पांड्या के शुरुआती ओवरों में दोनों बल्लेबाजों ने खुलकर रन बनाए, जिससे स्कोर तेजी से आगे बढ़ा। हालांकि गायकवाड़ (22) अच्छी शुरुआत के बावजूद बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके और आउट हो गए। इसके बाद सरफराज खान (14) और शिवम दुबे (5) भी कुछ खास नहीं कर सके। मुंबई के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में शानदार वापसी करते हुए चेन्नई की रन गति पर ब्रेक लगा दिया। खासतौर पर स्पिनरों ने दबाव बनाया, जिससे अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में असफल रहे।
मध्यक्रम के ढहने के बावजूद सैमसन ने अपना संयम नहीं खोया। उन्होंने समझदारी से स्ट्राइक रोटेट की और मौके मिलने पर बड़े शॉट भी लगाए। उनकी पारी में 10 चौके और 6 छक्के शामिल रहे, जो उनकी आक्रामकता और नियंत्रण दोनों को दर्शाते हैं। डेवाल्ड ब्रेविस ने 11 गेंदों में 21 रन बनाकर कुछ आक्रामक शॉट खेले, लेकिन वह भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। संजू ने पारी की आखिरी गेंद पर अपना शतक पूरा किया और टीम को 207 रनों के स्कोर तक पहुंचाया।
मुंबई का टॉप ऑर्डर बुरी तरह हुआ फेल
चेन्नई के 208 रनों के जवाब में मुंबई की शुरुआत बेहद खराब रही। उन्होंने पहले ओवर में ही दानिश मालेवर को खो दिया। मालेवर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद अगले ओवर में क्विंटन डि कॉक भी 7 रन बनाकर आउट हो गए। तो वहीं नमन धीर भी अपना खाता नहीं खोल सके और 3 गेंदों पर जीरो रन बनाकर आउट हो गए। इस तरह मुंबई ने एक समय पर 11 रनों के स्कोर पर 3 विकेट गंवा दिए थे।
नूर अहमद और अकील हुसैन ने गेंद से किया कमाल
तिलक और सूर्यकुमार यादव के बीच 56 गेंदों पर 73 रनों की साझेदारी हो चुकी थी। इसके बाद सीएसके के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने अकील हुसैन का रुख किया। हुसैन ने तिलक को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ दिया। 13वें ओवर में नूर अहमद गेंदबाजी करने के लिए आए और उन्होंने हार्दिक पांड्या को आउट किया। इसके बाद अगली गेंद पर शेरफेन रदरफोर्ड को अपना शिकार बनाया।
नूर ने अपने 4 ओवर के स्पेल के दौरान शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने 24 रन खर्च करते हुए 2 विकेट अपने नाम किए। तो वहीं अकील हुसैन के आगे मुंबई के बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिए। हुसैन ने 4 ओवर में मात्र 17 रन दिए और एमआई के 4 बल्लेबाजों को मैदान से बाहर का रास्ता दिखाया।
चेन्नई सुपर किंग्स ने मुंबई इंडियंस को हराया
तिलक के आउट होने के बाद अगले बल्लेबाज अधिक देर तक मैदान पर नहीं टिक सके। हार्दिक पांड्या (1), शेरफेन रदरफोर्ड (0), शार्दुल ठाकुर (6) और कृष भगत 7 रन बनाकर आउट हुए। अकील के 4 और नूर के 2 विकेट के अलावा अंशुल कंबोज, मुकेश चौधरी, गुरजपनीत सिंह और जोमी ओवरटन को एक-एक सफलता मिली। इसी के साथ चेन्नई ने मुकाबले को 104 रनों से अपने नाम कर लिया है।