दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की याचिका पर केंद्र सरकार और X को नोटिस जारी किया है। दिपके ने CJP का X अकाउंट ब्लॉक किए जाने को चुनौती दी है।
कोर्ट ने फिलहाल अकाउंट दोबारा चालू करने का अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में फैसला लेने से पहले सरकार का पक्ष सुनना जरूरी है।
जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की बेंच ने कहा कि सरकार का पक्ष सुने बिना ऐसा आदेश नहीं दिया जा सकता, क्योंकि मामले के व्यापक प्रभाव और दूरगामी परिणाम हैं। अदालत ने केंद्र सरकार से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की।
कॉकरोच जनता पार्टी एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जो भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की हालिया कॉकरोच टिप्पणी के बाद सामने आया। शुक्रवार दोपहर 3 बजे तक CJP के इंस्टाग्राम पर 2.25 करोड़ (22.5 मिलियन) फॉलोवर्स हैं।
रिव्यू कमेटी को आदेश, ब्लॉकिंग की समीक्षा होगी
हाईकोर्ट ने ब्लॉकिंग ऑर्डर की समीक्षा कराने का भी निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि नियमों के तहत रिव्यू कमेटी हर दो महीने में बैठक करती है और उसे ब्लॉकिंग आदेश के सभी पहलुओं की जांच करने का अधिकार है।
बेंच ने कहा, “रिव्यू कमेटी सभी पहलुओं की जांच करेगी और उसका निर्णय रिकॉर्ड पर रखा जाएगा। अमेरिका के बोस्टन में रहने वाले दिपके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कमेटी के सामने पेश होने का अनुरोध कर सकते हैं।"
दिपके बोले- CJP राजनीतिक और सामाजिक व्यंग्य
- CJP राजनीतिक और सामाजिक व्यंग्य (सटायर) पर आधारित पहल है। अगर कुछ पोस्ट आपत्तिजनक हैं, तो सिर्फ उन्हें ब्लॉक किया जा सकता है।
- पूरे अकाउंट को बंद करना सही नहीं है। पहले भी ऐसे मामलों में अदालतें राहत दे चुकी हैं और कुछ अकाउंट बहाल हुए हैं।
कोर्ट बोला- ब्लॉकिंग ऑर्डर की वजह अभी साफ नहीं
- फिलहाल सिर्फ नोटिस जारी किया जा सकता है। इस मामले में कानून अभी शुरुआती दौर में है। ब्लॉकिंग ऑर्डर की वजह अभी साफ नहीं है। न याचिकाकर्ता ने ब्लॉकिंग ऑर्डर देखा है, न कोर्ट ने।
- जिन पुराने मामलों का हवाला दिया गया, वे अलग थे। वहां कुछ पोस्ट विवादित थीं, यहां पूरे अकाउंट की गतिविधियों पर सवाल है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि

इंटरमीडियरी (X) याचिकाकर्ता की मदद करता दिख रहा है। सरकार का पक्ष सुने बिना कोई आदेश नहीं दिया जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ब्लॉकिंग ऑर्डर और पूरा रिकॉर्ड कोर्ट के सामने रखा जा सकता है।


कॉकरोच जनता पार्टी नाम का सोशल मीडिया पेज 16 मई को अभिजीत दीपके ने बनाया था।
राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर ब्लॉक हुआ था अकाउंट
दिपके ने उस सरकारी आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी कारणों का हवाला देकर CJP का X हैंडल ब्लॉक किया गया था। याचिका एडवोकेट नकुल गांधी ने दायर की है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के इनपुट के आधार पर केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कार्रवाई की थी। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत X को अकाउंट ब्लॉक करने का निर्देश दिया था।
21 मई को X अकाउंट बंद हुआ तो नया बनाया
CJP का X अकाउंट 21 मई ब्लॉक कर दिया गया था। जब पुराना अकाउंट बंद हुआ, तब 1.93 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। संगठन ने कुछ देर बाद नया अकाउंट बनाया। इसका नाम ‘कॉकरोच इज बैक’ रखा गया और बायो में लिखा- कॉकरोच डोंट डाय यानी कॉकरोच मरते नहीं।

कॉकरोच जनता पार्टी ने X पर यह वीडियो शेयर किया है, जिसमें पार्टी जॉइन करने की अपील की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच कराने की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने 24 मई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े व्यक्तियों की गतिविधियों की CBI से जांच करवाने की मांग पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील एनके गोस्वामी ने कहा कि CJP, ज्यूडीशियरी की इमेज खराब कर रही है। इसके बाद CJI और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा, ‘इसे इतनी भावुकता से मत लें।