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29 मई 2026
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सर्विस सेक्टर ने रचा इतिहास, 400 अरब डॉलर के पार पहुंचा निर्यात

सर्विस सेक्टर ने रचा इतिहास, 400 अरब डॉलर के पार पहुंचा निर्यात
सर्विस सेक्टर ने रचा इतिहास, 400 अरब डॉलर के पार पहुंचा निर्यात

क्लाउड सर्विस, एआई और डिजिटल सेवा... निर्यात सेक्टर हुआ दोगुना
नई दिल्ली। सर्विस सेक्टर निर्यात में पिछले 11 सालों में दोगुना से भी अधिक की बढ़ोतरी हुई है। सर्विस सेक्टर निर्यात की बढ़ोतरी दर वस्तु निर्यात के मुकाबले लगातार अधिक चल रही है। यही वजह है कि धीरे-धीरे सर्विस निर्यात व वस्तु निर्यात का अंतर कम होता जा रहा है।
अगले दो-तीन साल में सर्विस निर्यात का आंकड़ा वस्तु निर्यात के आंकड़े को भी पार कर सकता है। गत वित्त वर्ष 2025-26 में पहली बार सर्विस निर्यात 400 अरब डॉलर के आंकड़े को पार करते हुए 418 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2014-15 में सर्विस निर्यात सिर्फ 158 अरब डॉलर का था।
11 सालों में दोगुना से अधिक बढ़ा
इस अवधि में देश के कुल निर्यात में सर्विस सेक्टर निर्यात की हिस्सेदारी 33 प्रतिशत थी जो अब 50 प्रतिशत के पास पहुंचती दिख रही है। सर्विस सेक्टर निर्यात की बढ़ोतरी दर को देखते हुए ही सरकार ने वर्ष 2047 तक वैश्विक स्तर पर होने वाले सर्विस निर्यात में भारत की हिस्सेदारी को 10 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है जो वर्तमान में 4.3 प्रतिशत है।
सर्विस निर्यात बढऩे से देश के जीडीपी में भी सर्विस सेक्टर का योगदान बढ़ेगा। भारत के जीडीपी में सर्विस सेक्टर का योगदान 53.6 प्रतिशत है जबकि अमेरिका में सर्विस सेक्टर का योगदान 80 प्रतिशत से अधिक तो चीन में 60 प्रतिशत से अधिक का है।
इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा उछाल 
सर्विस सेक्टर के निर्यात को बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से केयर (देखभाल) सेक्टर में लोगों को तैयार करने के साथ आयुष, आयुर्वेद, मेडिकल टूरिज्म जैसे सेक्टर को नए तरीके से बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही है। क्लाउड सर्विस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सर्विस, डिजिटल सेवा, साइबर सुरक्षा जैसे नए सेक्टर में भी सर्विस निर्यात के लिए इको सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
अभी सबसे अधिक आइटी सेक्टर में सर्विस निर्यात किया जाता है। उसके बाद वित्तीय सेवा व अन्य सेक्टर की सलाह सेवा में सर्विस निर्यात होता है। विदेश व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि विकसित देशों के साथ होने वाले मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से भी भारत को सर्विस सेक्टर के निर्यात को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
एफटीए से हुआ फायदा 
भारत ब्रिटेन के बीच हो चुके एफटीए में सर्विस सेक्टर के137 सब-सेक्टर को शामिल किया गया है। जुलाई से लागू होने वाले इस समझौते से इन सभी सेक्टर में भारत से निर्यात का मौका मिलेगा। वैसे ही न्यूजीलैंड के साथ भी इस साल ही व्यापार समझौता लागू हो जाएगा।
न्यूजीलैंड के साथ समझौते में 118 प्रकार के सर्विस सेक्टर को शामिल किया गया है। ओमान के साथ व्यापार समझौता अगले महीने से लागू हो सकता है जहां 127 सर्विस सेक्टर का दरवाजा भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए खुल जाएंगे। अगले साल के आरंभ तक यूरोपीय यूनियन के साथ भारत का व्यापार समझौता अमल में आ जाएगा जिससे सर्विस से जुड़े 144 सेक्टर में निर्यात का मौका मिलेगा।