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16 मई 2026
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सीजफायर पर असमंजस: ईरान ने कहा- हम ट्रिगर पर हाथ रखे रहेंगे और ईरान अपने लेबनानी भाई-बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा, ट्रंप ने लेबनान को युद्धविराम से बाहर बताया था

सीजफायर पर असमंजस: ईरान ने कहा- हम ट्रिगर पर हाथ रखे रहेंगे और ईरान अपने लेबनानी भाई-बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा, ट्रंप ने लेबनान को युद्धविराम से बाहर बताया था
सीजफायर पर असमंजस: ईरान ने कहा- हम ट्रिगर पर हाथ रखे रहेंगे और ईरान अपने लेबनानी भाई-बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा, ट्रंप ने लेबनान को युद्धविराम से बाहर बताया था

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर लागू होने के ठीक एक दिन बाद ट्रंप के बयान पर ईरान ने तीखा विरोध जताया है। ट्रंप ने कहा था कि लेबनान युद्धविराम समझौते में शामिल नहीं है, क्योंकि वहां हिजबुल्लाह जैसे आतंकवादी समूह एक्टिव हैं। इसके जवाब में ईरान ने साफ किया है कि लेबनान युद्धविराम प्रस्ताव के पहले प्वाइंट का हिस्सा है और इसे अलग नहीं किया जा सकता।

भाई-बहनों का साथ नहीं छोड़ेंगे: ईरान 

एक एक्स पोस्ट में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि लेबनान पर लगातार इजरायल के हमले  युद्धविराम समझौते का घोर उल्लंघन करते हैं। इन हमलों के जारी रहने से बातचीत अधूरी निरर्थक रह  जाएगी; हम ट्रिगर पर हाथ रखे रहेंगे और ईरान अपने लेबनानी भाई-बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा।

 

 

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गलिबाफ ने याद दिलाई समझौते की शर्ते

ईरानी संसद के अध्यक्ष गलिबाफ ने कहा कि ईरान ने अमेरिका को 10 सूत्रीय प्रस्ताव सौंपा था, जिसमें स्थायी शांति, हमलों में पूर्ण विराम और क्षेत्रीय स्थिरता का मुद्दा शामिल था। प्रस्ताव के पहले प्वाइंट में लेबनान सहित पूरे क्षेत्र में हमले खत्म करने की बात कही गई थी। ईरान के अनुसार, पाकिस्तान के जरिए से मध्यस्थता के दौरान यह बात साफ तौर पर तय हुई थी कि युद्धविराम हर जगह लागू होगा।

एक अन्य पोस्ट में, गलिबाफ ने आरोप लगाया कि 10 सूत्रीय प्लान के तीन बिंदुओं का पहले ही अमेरिका उल्लंघन कर चुका है, जिनमें लेबनान पर इजराइल के लगातार हमले, ईरानी हवाई क्षेत्र में ड्रोन की खोज और ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम पर रोक लगाने की कोशिश शामिल थी।

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ट्रंप ने दिया था बयान 

ट्रंप ने पीबीएस न्यूज आवर में दिए इंटरव्यू में कहा था, 'लेबनान समझौते में शामिल नहीं है। वहां हिजबुल्लाह की वजह से यह अलग झड़प है।' उन्होंने इजरायल के हालिया हमलों को भी अलग घटना बताया। वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ट्रंप के इस रुख का समर्थन किया और कहा कि दो सप्ताह का युद्धविराम लेबनान को शामिल नहीं करता है।

ईरान ने इसे साफ तौर पर खारिज करते हुए कहा कि कोई भी समझौता लेबनान को अलग करके नहीं हो सकता। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'लेबनान हमारे क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे का हिस्सा है। अगर लेबनान पर हमले जारी रहे तो पूरा समझौता खत्म हो जाएगा।' ईरान स्थायी समाधान चाहता है, जिसमें इजरायल के लेबनान हमलों को तुरंत रोका जाए और हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहे।