नई दिल्ली। मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध को रोकने के लिए, किए गए सीजफायर की घोषणा के पीछे ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की भूमिका सामने आ रही है। एक्सियोस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस बड़े फैसले के पीछे ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई थे। जो पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के बेटे हैं।
अमेरिकी न्यूज वेबसाइट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच समझौता कराने के लिए जब पाकिस्तान नेता कई संशोधित प्रस्ताव को इधर उधर करा रहे थे। तब तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री दोनों पक्षों के बीच की खाई पाटने में लगे थे। यह सब कुछ सोमवार की देर रात तक चलता रहा। इसके बाद सीजफायर के लिए एक संशोधित प्रस्ताव पर अमेरिका की मंजूरी मिल गई।
सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने दी हरी झंडी
इसके बाद फैसला लेने की बारी ईरान की थी। तब उनके सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने हरी झंडी दी और प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। हालांकि इसके लिए वे अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए है। एक्सियोस ने दो सूत्रों के हवाले से बताया कि अपने वार्ताकारों को समझौता करने के लिए खामेनेई ने अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने भी बातचीत को संभालने के लिए रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और खास फोर्स के कमांडरों को समझौता स्वीकार करने के लिए राजी कराया।
इस्लामाबाद में मिलेंगे दोनों देशों के नेता
इसके बाद मंगलवार दोपहर तक, दोनों देशों के बीच आम सहमति बन गई थी। वहीं, कुछ घंटों बाद, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने X पर युद्धविराम समझौते की शर्तें जारी की और दोनों पक्षों से उन्हें स्वीकार करने की अपील की। ट्रंप ने भी फिर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "मैं दो हफ्तों के लिए ईरान पर बमबारी और हमले रोकने पर सहमत हूं।" इसके बाद उन्होंने समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से बात की।
ट्रंप के पोस्ट करने के 15 मिनट बाद ही अमेरिकी सेनाओं को हमले रोकने का आदेश मिल गया था। वहीं, अराघची ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान युद्धविराम का पूरी तरह पालन करेगा।
इसके अलावा ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि दो हफ्ते के इस सीजफायर समझौते के तहत, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से होने वाले समुद्री यातायात की सुरक्षा की गारंटी दी जाएगी। बता दे कि शरीफ ने X पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों को शुक्रवार को इस्लामाबाद में मुलाकात के लिए आमंत्रित किया है।