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15 अप्रैल 2026
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पांच राज्यों में चुनाव के बाद बढ़ सकते हैं दाम: तेल कंपनियों को पेट्रोल पर 18 तो डीजल पर 35 रुपए प्रति लीटर का नुकसान

पांच राज्यों में चुनाव के बाद बढ़ सकते हैं दाम: तेल कंपनियों को पेट्रोल पर 18 तो डीजल पर 35 रुपए प्रति लीटर का नुकसान
पांच राज्यों में चुनाव के बाद बढ़ सकते हैं दाम: तेल कंपनियों को पेट्रोल पर 18 तो डीजल पर 35 रुपए प्रति लीटर का नुकसान

नई दिल्ली। सरकारी तेल कंपनियों को एक लीटर पेट्रोल बेचने पर 18 रुपये और एक लीटर डीजल की बिक्री पर 35 रुपये का नुकसान हो रहा है। दरअसल, इनपुट लागत में भारी वृद्धि के बावजूद दाम नहीं बढ़ाए जाने से तेल कंपनियों को यह नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक दशक से भी अधिक समय पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों को बाजार के आधार पर तय करने का नियम बनाया गया था। हालांकि, इसके बावजूद अप्रैल, 2022 से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
तेल कंपनियों को भारी नुकसान
पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। पिछले महीने जब कीमतें अपने चरम पर थीं, तब इन तीनों कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 2,400 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था। इसके बाद सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की और इसके बाद यह नुकसान घटकर लगभग 1,600 करोड़ रुपये प्रतिदिन रह गया है। उत्पाद शुल्क में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं दिया गया बल्कि इसका उपयोग नुकसान की आंशिक भरपाई के लिए किया गया।
मार्च के नुकसान ने जनवरी-फरवरी के लाभ खत्म किए
सूत्रों का कहना है कि मार्च में हुए नुकसान ने जनवरी-फरवरी में हुए सभी लाभ को खत्म कर दिया है। इतना ही नहीं इन तीनों कंपनियों को जनवरी-मार्च तिमाही में नुकसान होने की पूरी आशंका है।
मैक्वेरी ग्रुप ने इंडिया फ्यूल रिटेल पर अपनी एक रिपोर्ट में कहा, 135-165 डॉलर प्रति बैरल की मौजूदा पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर हमारा अनुमान है कि भारत की तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर क्रमश: 18 रुपये और 35 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमतों में प्रत्येक 10 डॉलर प्रति बैरल की वृद्धि से तेल कंपनियों के नुकसान में छह रुपये प्रति लीटर की वृद्धि होती है। ब्रोकरेज फर्म ने इस महीने के अंत में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे प्रमुख राज्यों में चुनावों के बाद खुदरा ईंधन की कीमतों में वृद्धि की संभावना जताई है।