77वां राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस समारोह
दैनिक सम्राट संवाददाता
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पुलिस पर प्रदेश की कानून व्यवस्था की अहम जिम्मेदारी है। पुलिस द्वारा अपराधों पर अंकुश लगाकर प्रदेश में आमजन को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस के जवान अथक परिश्रम, अनुशासन और जनसेवा के जज्बे के साथ हर परिस्थिति में ढाल बनकर प्रदेशवासियों की सुरक्षा के लिए तत्परता से कार्य कर रहे हैं। हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है तथा हम अपराध मुक्त राजस्थान बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री गुरुवार को राजस्थान पुलिस के 77वें स्थापना दिवस के अवसर पर राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस ने 77 वर्षों की इस गौरवमयी यात्रा में साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान की अनुपम मिसालें पेश की हैं। श्री शर्मा ने अमर शहीद पुलिसकर्मियों को नमन करते हुए कहा कि शहीदों ने आमजन की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया।
कम्युनिटी पुलिसिंग से साइबर अपराधों पर लगेगा अंकुश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और समाज एक-दूसरे के पूरक हैं। प्रदेश में सुदृढ़ पुलिसिंग से समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। अच्छी कानून व्यवस्था से राजस्थान की पहचान अब एक शांतिप्रिय राज्य के रूप में बनी है। इससे बड़ी संख्या में निवेशक और पर्यटक प्रदेश में आने के उत्सुक हैं और राज्य अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि कम्युनिटी पुलिसिंग से साइबर अपराध, नशा व संगठित अपराध जैसी चुनौतियों का सामना आसानी से किया जा सकता है। इन समस्याओं से निपटने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। जागरूक नागरिक ही इन अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत दीवार बन सकते हैं।
नवीन कानूनों के क्रियान्वयन में राजस्थान अग्रणी
हमारी सरकार अपराध और भ्रष्टाचार रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इसी का परिणाम है कि पिछले दो वर्षों में अपराधों में 18.77 प्रतिशत की कमी आई है। हत्या के प्रकरणों में 25.68 प्रतिशत, डकैती में 47.26, लूट में 50.75 तथा महिला अत्याचारों में लगभग 10 प्रतिशत की कमी आई है।
एंटी नारकोटिक्स, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स कर रही प्रभावी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे को जड़ से समाप्त करने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन कर एक पुलिस थाना और 17 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। नकल माफिया पर कार्रवाई करते हुए एसआईटी का गठन किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, प्रदेश में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ और जिससे युवाओं का सरकार में विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स प्रभावी कार्य कर रहा है। इससे फायर आम्र्स के उपयोग एवं उनसे होने वाली मौतों में गिरावट आई है। वहीं, साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए सभी पुलिस थानों पर साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना कर आमजन को जागरूक भी किया जा रहा है।
मजबूत पुलिसिंग के लिए उठाए जा रहे अनेक कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पुलिस कार्मिकों के कल्याण और प्रभावी पुलिसिंग के लिए अनेक कदम उठाए हैं। प्रदेश के पुलिस बल को मजबूत करने के लिए 8 हजार से अधिक कांस्टेबलों की नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। साथ ही, प्रभावी पुलिसिंग के लिए 2 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, 2 पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय तथा 23 नए पुलिस थाने सृजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 8 पुलिस चौकियों का पुलिस थानों में क्रमोन्नयन, 1 हजार पुलिस मोबाइल यूनिट्स की तैनाती, 35 नवीन पुलिस चौकियां खोलना, कॉन्स्टेबल से सहायक उप निरीक्षक तक के कार्मिकों के स्वीकृत सालाना वर्दी भत्ता में बढ़ोतरी, पुलिस कर्मियों के मैस भत्ते की राशि में वृद्धि जैसे निर्णयों से पुलिस बल को मजबूत किया गया है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस सजग प्रहरी के रूप में कार्य कर प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ कर रही है तथा पुलिस द्वारा निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर अपराध पर अंकुश लगाया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में पुलिस बल को आधुनिकीकरण के लिए पर्याप्त संसाधन मुहैया करवाए गए हैं। राजस्थान पुलिस कर्तव्य पथ पर अग्रसर होते हुए प्रदेश में शांति व्यवस्था को बरकरार रखने एवं संविधान मूल्यों की रक्षा के लिए कटिबद्ध है।
भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, आमजन को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण सरकार की प्राथमिकता: सीएम
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