क्या ट्रंप ईरान में घुसकर यूरेनियम चुराना चाहते हैं?
ट्रम्प 10 हजार एक्स्ट्रा सैनिक भेज रहे, अप्रैल तक जंग खत्म करना मकसद
वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान के खिलाफ जमीनी कार्रवाई करने का आदेश दे सकते हैं। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प ईरान के पास मौजूद यूरेनियम को अपने कब्जे में लेना चाहते हैं। ईरान के पास करीब 400 किलो समृद्ध (एनरिच्ड) यूरेनियम है, जिसका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने में किया जा सकता है। ट्रम्प ने अपने सहयोगियों से कहा है कि ईरान को यह यूरेनियम छोडऩा ही होगा। अगर बातचीत से बात नहीं बनी, तो इसे जबरदस्ती भी लिया जा सकता है। इस बीच, अमेरिका मिडिल ईस्ट में करीब 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने की योजना बना रहा है। इनमें से 3,500 से ज्यादा सैनिक पहले ही वहां पहुंच चुके हैं।
परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब ईरान
यूरेनियम एक ऐसा पदार्थ है, जिससे परमाणु ऊर्जा भी बनाई जा सकती है और परमाणु बम भी। फर्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि उसे कितना एनरिच यानि कि शुद्ध किया गया है। प्राकृतिक यूरेनियम में काम का हिस्सा बहुत कम होता है, इसलिए उसे मशीनों (सेंट्रीफ्यूज) के जरिए धीरे-धीरे शुद्ध किया जाता है। इसी प्रक्रिया को ‘यूरेनियम एनरिचमेंट’ कहते हैं।
हमलों के बाद भी यूरेनियम पूरी तरह नष्ट नहीं हुआ
माना जा रहा है कि ईरान का बड़ा परमाणु भंडार उन पहाड़ी ठिकानों के मलबे के नीचे दबा है, जिन्हें अमेरिका ने बमबारी में निशाना बनाया था। आईएईए प्रमुख राफेल ग्रोसी के मुताबिक, यह यूरेनियम इस्फहान की अंडरग्राउंड टनल और नतांज जैसे ठिकानों पर हो सकता है।
ट्रम्प ने पहले दावा किया था कि हमलों में ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह तबाह हो गया, लेकिन अब माना जा रहा है कि काफी यूरेनियम नष्ट नहीं हुआ, बल्कि मलबे के नीचे दब गया है। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि ज्यादातर यूरेनियम मलबे के नीचे दबा है और अभी उसे निकालने का कोई प्लान नहीं है। साथ ही, ईरान के पास अभी भी ऐसी मशीनें हैं, जिनसे वह यूरेनियम को और शुद्ध बना सकता है और नए गुप्त ठिकाने भी बना सकता है।
लंबी जंग से बचना चाहते हैं ट्रम्प
ईरान के विदेश मंत्री ने भी कहा था कि लगभग सारा 60 प्रतिशत समृद्ध यूरेनियम मलबे के नीचे दबा हुआ है और अभी उसे निकालने की कोई योजना नहीं है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान के पास अभी भी यूरेनियम को और समृद्ध करने के लिए सेंट्रीफ्यूज मशीनें हैं और वह नए अंडरग्राउंड ठिकाने भी बना सकता है।
एक्सपर्ट बोले- ईरान में सैनिक भेजना खतरनाक
एक्सपर्ट ट्रम्प के यूरेनियम हासिल करने के लिए जमीनी ऑपरेशन शुरू करने की योजना को मुश्किल और खतरनाक मानते हैं। उनका कहना है कि इसके लिए बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों को ईरान के अंदर भेजना पड़ेगा।
इससे खून-खराबा बढ़ेगा और कई अमेरिकी सैनिकों की जान जाएगी।
सैनिकों को पहले इलाके को सुरक्षित करना होगा, जहां उन्हें ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ सकता है। इसके बाद इंजीनियर मलबे को हटाकर बारूदी सुरंगों और जालों को साफ करेंगे। यूरेनियम को खोजने के बाद स्पेशल फोर्स की टीम उसे बाहर निकालेगी। बताया गया है कि यह सामग्री 40 से 50 खास सिलेंडरों में रखी हो सकती है, जो देखने में ऑक्सीजन सिलेंडर जैसे होते हैं।