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22 अप्रैल 2026
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा फिलहाल टली, ईरान ने भी अमेरिका के साथ प्रस्तावित बातचीत में शामिल होने से इनकार किया

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा फिलहाल टली, ईरान ने भी अमेरिका के साथ प्रस्तावित बातचीत में शामिल होने से इनकार किया
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा फिलहाल टली, ईरान ने भी अमेरिका के साथ प्रस्तावित बातचीत में शामिल होने से इनकार किया

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा फिलहाल टाल दी गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि ईरान ने अब तक अमेरिका की बातचीत की शर्तों पर कोई जवाब नहीं दिया है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया।

वेंस को मंगलवार सुबह पाकिस्तान के लिए रवाना होना था, जहां बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर शुरू होने वाली थी। हालांकि, यह यात्रा रद्द नहीं की गई है, बल्कि फिलहाल होल्ड पर रखी गई है। दोनों देशों के बीच चल रहा सीजफायर भी बुधवार को खत्म होने वाला है।

दूसरी तरफ ईरान ने भी अमेरिका के साथ प्रस्तावित बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया है। तेहरान टाइम्स से बात करते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अभी इस्लामाबाद जाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने इसके पीछे अमेरिका के विरोधाभासी रवैये को जिम्मेदार ठहराया।

 

ट्रम्प बोले- मैंने ईरान में सत्ता बदल दी

ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने ईरान में सत्ता बदल दी है। उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच जल्द एक बड़ी डील हो सकती है। ट्रम्प कहा कि मौजूदा हालात में ईरान के पास समझौता करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर पीस डील नहीं हुई, तो अमेरिकी सेना हमले के लिए पूरी तरह तैयार है और आदेश मिलते ही कार्रवाई कर सकती है। ट्रम्प ने साफ किया कि वह सीजफायर को आगे नहीं बढ़ाएंगे।

उन्होंने कहा, हमारे पास ज्यादा समय नहीं है। ट्रम्प ने बताया कि सीजफायर के दौरान अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाई है। उन्होंने कहा, “हमारे पास बहुत ज्यादा गोला-बारूद है, हमने इस समय का इस्तेमाल तैयारी में किया।”

पिछले 24 घंटे के 3 बड़े अपडेट्स

धीमी आवाजाही: सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट से सिर्फ 16 जहाज गुजरे। मरीन ट्रैफिक डेटा के मुताबिक, सोमवार को 9 जहाज होर्मुज में दाखिल हुए, जिनमें 2 ईरानी झंडे वाले जहाज थे, जिनमें से एक तेल टैंकर था। वहीं 7 जहाज बाहर निकले, जिनमें एक ईरानी कार्गो जहाज शामिल था।

लेबनान-इजराइल वार्ता: इजराइल और लेबनान के बीच बातचीत का दूसरा दौर 23 अप्रैल को तय किया गया है। इससे पहले 16 अप्रैल को दोनों देशों की बातचीत हुई थी जिसमें दोनों देशों ने 10 दिनों के लिए सीजफायर पर सहमति जताई थी।

ईरानी जहाज सीज: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे टूस्का नाम के एक ईरानी जहाज को पकड़ लिया। यह चीन से लौट रहा था। ईरान ने इस पर नाराजगी जताई और अंजाम भुगतने की चेतावनी दी।

हिजबुल्लाह ने इजराइली सेना पर रॉकेट दागे, इजराइल का जवाबी हमला

लेबनान और यमन से जुड़े दो अलग घटनाक्रमों ने पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ा दिया है। लेबनान में हिजबुल्लाह ने इजराइली सैनिकों पर रॉकेट दागे, जबकि यमन के हूती नेता ने साफ कहा है कि सीजफायर सिर्फ अस्थायी है और आगे लड़ाई जारी रहेगी।

इजराइली सेना के मुताबिक, मंगलवार शाम दक्षिणी लेबनान में तैनात उसके सैनिकों पर हिजबुल्लाह ने रॉकेट दागे। सेना ने इसे सीजफायर का उल्लंघन बताया और जवाब में हिजबुल्लाह के रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाया।

वहीं, हूती नेता अब्देल-मलिक अल-हूती ने टीवी भाषण में कहा कि मौजूदा संघर्ष खत्म नहीं हुआ है। उनके मुताबिक, यह सिर्फ एक “ट्रूस” है और आने वाले समय में लड़ाई के और दौर देखने को मिल सकते हैं।

हौथी नेता ने दी नए युद्ध की चेतावनी, कहा- आगे और लड़ाई तय

यमन के हौथी विद्रोही समूह के नेता अब्देल-मलिक अल-हौथी ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि US और ईरान के बीच बना सीजफायर कमजोर है और इसके बावजूद आगे और संघर्ष होना तय है।

टीवी पर दिए भाषण में अल-हौथी ने कहा कि हालात में तनाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने साफ कहा कि यह सिर्फ एक अस्थायी विराम है, जबकि असली संघर्ष लगातार जारी है।

उन्होंने कहा- इसमें कोई शक नहीं है कि आगे और लड़ाई होगी। यह सिर्फ एक ट्रूस है, जबकि दुश्मन के साथ संघर्ष लगातार चल रहा है।

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा- अमेरिकी नाकाबंदी युद्धविराम का उल्लंघन

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को लेकर कहा- ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी युद्धविराम का उल्लंघन है।

किसी कॉमर्शियल पोत पर हमला करना और उसके चालक दल को बंधक बनाना तो और भी बड़ा उल्लंघन है। ईरान प्रतिबंधों को बेअसर करना, अपने हितों की रक्षा करना और दादागिरी का विरोध करना जानता है।

ईरान ने इस्लामाबाद जाने से इनकार किया

ईरान ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली अमेरिका के साथ प्रस्तावित बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया है। तेहरान टाइम्स से बात करते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अभी इस्लामाबाद जाने की कोई योजना नहीं है।

उन्होंने इसके पीछे अमेरिका के विरोधाभासी रवैये को जिम्मेदार ठहराया। ईरान पहले भी कह चुका है कि वह दबाव या धमकी के माहौल में बातचीत नहीं करेगा। ऐसे में इस बयान से साफ है कि फिलहाल वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।