नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच आज युद्ध का 36वां दिन है। इस युद्ध का सबसे ज्यादा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ते पर कब्जा कर लिया है और इसी रास्ते से दुनियाभर में करीब 20% कच्चे तेल और एलपीजी का आयात-निर्यात होता है।
भारत में भी लोग मिडिल ईस्ट के युद्ध को देखते हुए एलपीजी गैस के लिए लाइन में लग रहे हैं। गैस की किल्लत को देखते हुए लोग इंडक्शन गैस की तरफ झुक रहे हैं। गैस संकट की वजह से देश में इंडक्शन गैस की डिमांड में तेजी आई है।
इंडक्शन गैस की डिमांड बढ़ी
भारत में इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री अचानक 30 गुना बढ़ गई है। केरल और महाराष्ट्र में भी बायोगैस प्लांट की मांग में उछाल आया है और गुजरात के कई गांव में लोग सोलर कुकर अपनाने लगे हैं।
भारत ही नहीं दुनियाभर में ऊर्जा संकट बना हुआ है। नेपाल में आधा भरा हुआ सिलिंडर मिल रहा है। फिलीपींस में मिडिल ईस्ट के युद्ध के चलते राष्ट्रीय आपातकाल घोषित हो चुका है। ऐसे में 20 फीसद सस्ती इलेक्ट्रिक कुकिंग एलपीजी का विकल्प बन रही है।
भारत में LPG गैस के ऑप्शन
इंडक्शन की बढ़ी बिक्री: भारत, श्रीलंका, फिलीपींस में इंडक्शन की रिकॉर्ड बिक्री हो रही है, जिसकी वजह से अचानक ही बिजली ग्रिड पर बोझ बढ़ रहा है।
सोलर कुकर: गैस संकट के बीच लोग स्टीम किचन का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। स्टीम किचन लाखों लोगों को खाना दे रहा है। यह भारतीय बाजार में 1,000 से 5,000 रुपए में उपलब्ध है।
बायोगैस: बेंगलुरु में कैपजेमिनी कंपनी का कैंपस बायोगैस पर चल रहा है। इंफोसिस के 8 कैंपस में रोज 9 टन फूड वेस्ट से गैस बनाई जा रही है।
DIY बायोगैस: इस गैस का घर में सेटअप 2,000-10,000 रुपए में हो जाता है। ये गैस सोशल मीडिया और यूट्यूब पर वायरल हो गई है। किचन वेस्ट से रोज 1-2 घंटे खाना पकाने लायक गैस तैयार हो जाती है।
पाइप्ड गैस-PNG: भारत के 12 करोड़ घरों को पीएनजी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सीएनजी-पीएनजी सप्लाई 100 फीसद बनाए रखने की घोषणा की गई है। सरकार ने भी उन लोगों से LPG से PNG पर शिफ्ट होने के लिए कहा है, जिनके घरों तक गैस पाइपलाइन के जरिए पहुंच गई है।
पारंपरिक विकल्प: म्यांमार और अफ्रीका में एक बार फिर लकड़ी-कोयले का इस्तेमाल बढ़ गया है। भारत के गांवों में भी गोबर गैस की वापसी हो गई है।