Dainik Samrat Logo
🔗
💬 WhatsApp 📘 Facebook 🐦 Twitter
20 अप्रैल 2026
Epaper

ईरान बातचीत के लिए अपना डेलिगेशन पाकिस्तान नहीं भेजेगा, इस पर भडक़े टं्रप, सीधी धमकी दी- अब इरान का अंत नजदीक

ईरान बातचीत के लिए अपना डेलिगेशन पाकिस्तान नहीं भेजेगा, इस पर भडक़े टं्रप, सीधी धमकी दी- अब इरान का अंत नजदीक
ईरान बातचीत के लिए अपना डेलिगेशन पाकिस्तान नहीं भेजेगा, इस पर भडक़े टं्रप, सीधी धमकी दी- अब इरान का अंत नजदीक

अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने को लेकर इस्लामाबाद में मंगलवार को दूसरे दौर की बातचीत होने वाली है। लेकिन इससे पहले ईरान ने वहां अपने प्रतिनिधियों को भेजने से इनकार कर दिया है।

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक जब तक ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक पाकिस्तान में बातचीत के लिए कोई डेलिगेशन नहीं भेजा जाएगा।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने धमकी देते हुए कहा कि ईरान के पास आखिरी मौका है। अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े हमले किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी डेलिगेशन सोमवार को बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंचेंगे।

ट्रम्प ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में पुष्टि की है कि उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान नहीं जाएंगे। वेंस ने 11-12 अप्रैल को ईरान से बातचीत में अमेरिकी डेलिगेशन का नेतृत्व किया था।

ईरान ने कहा- अमेरिका ने हमारा जहाज कब्जे में नहीं लिया

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने रविवार को दावा किया था कि उन्होंने ईरान के एक सैन्य जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। लेकिन अब ईरान ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है। न्यूज एजेंसी मेहर के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के एक व्यापारिक जहाज पर गोलीबारी कर उसे रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वे उसे जब्त करने में नाकाम रहे।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौसेना ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जवाबी कार्रवाई की।

अमेरिका ने बातचीत में धोखा दिया

ईरान ने अमेरिका पर अपने वादों से मुकरने और विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। ये बयान राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच हुई बातचीत के बाद आया है। ईरान का कहना है कि उसने सद्भावना दिखाते हुए जलमार्ग खोलने की कोशिश की थी, लेकिन अमेरिका ने अपनी समुद्री घेराबंदी न हटाकर समझौते की शर्तों को तोड़ दिया है।

ब्रिटेन बोला- होर्मुज की स्थिति अभी भी क्रिटिकल

ब्रिटिश समुद्री व्यापार संचालन (UKMTO) ने चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में खतरे का स्तर अभी भी क्रिटिकल बना हुआ है। वहां जहाजों को रोकने, समुद्री सुरंगों के बिछाए जाने और ईरानी बलों द्वारा सीधे हमलों का भारी जोखिम है, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए स्थिति बेहद गंभीर हो गई है।

नेतन्याहू ने कहा- इजराइल-अमेरिका तानाशाहों से लड़ रहे

इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा है कि उनका देश बर्बरता के खिलाफ लड़ रहे है। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली की यात्रा के दौरान आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इजराइल और अमेरिका मिलकर ईरान की उस तानाशाही के खिलाफ खड़े हैं जो पूरी दुनिया को आतंकित करती है और पश्चिमी सभ्यता को नष्ट करना चाहती है।
ईरानी एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ाने दोबारा शुरू होंगी

ईरान की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने रविवार को कहा है कि ईरान का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मशहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट सोमवार से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दोबारा शुरु होगा।

अथॉरिटी के मुताबिक यह फैसला ईरान के पूर्वी हिस्से के एयरस्पेस को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए फिर से खोलने के बाद लिया गया है। इससे पहले कुछ एयरपोर्ट्स ने शनिवार को लोकल समयानुसार सुबह 7 बजे से ही अपनी सेवाएं आंशिक रूप से फिर शुरू कर दी थीं।

होर्मुज से आज कोई जहाज नहीं निकला

ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, रविवार को होर्मुज स्ट्रेट से कोई भी टैंकर नहीं गुजरा। यह स्थिति तब बनी जब ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद करने का ऐलान किया था।

शिप ट्रैकिंग साइट्स पर कई जहाज एक ही जगह खड़े नजर आ रहे हैं। कुछ जहाज इस इलाके में चक्कर लगाते दिखे ताकि वे इस रास्ते में दाखिल होने से बच सकें। हालांकि, कुछ छोटे जहाज स्ट्रेट में जाते दिखे, लेकिन इनमें ज्यादातर टग बोट या ईरानी झंडे वाले जहाज शामिल थे।