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14 मई 2026
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NEET पेपर लीक: 3 मई को हुई NEET परीक्षा रद्द,दोबारा होगा एग्जाम, 22.79 लाख छात्र हुए थे शामिल, CBI को मामले की जांच के आदेश

NEET पेपर लीक: 3 मई को हुई NEET परीक्षा रद्द,दोबारा होगा एग्जाम, 22.79 लाख छात्र हुए थे शामिल, CBI को मामले की जांच के आदेश
NEET पेपर लीक: 3 मई को हुई NEET परीक्षा रद्द,दोबारा होगा एग्जाम, 22.79 लाख छात्र हुए थे शामिल, CBI को मामले की जांच के आदेश

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 3 मई को हुई NEET परीक्षा रद्द कर दी है। यह फैसला पेपर लीक होने के आरोप के चलते लिया गया। CBI को मामले की जांच का आदेश दिया गया है। NTA ने कहा है कि परीक्षा की नई तारीख जल्‍द जारी की जाएगी। परीक्षा में 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे।

NTA ने कहा है कि प्रभावित छात्रों को दोबारा परीक्षा के लिए रजिस्‍ट्रेशन नहीं करना होगा। उनके एग्‍जाम सेंटर्स में भी बदलाव नहीं होगा। रीएग्‍जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। परीक्षा में शामिल छात्रों की फीस भी वापस की जाएगी।

दिल्ली में जब शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से NEET परीक्षा रद्द और पेपर लीक होने पर पत्रकारों ने सवाल किया तो वह बिना जवाब दिए निकल गए। पेपर लीक के विरोध में दिल्ली ने NSUI कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

NEET एग्जाम 2013 में शुरू हुआ था। NTA ने इसे पहली बार 2019 में कराया। 2024 में पेपर लीक के चलते कुछ सेंटर्स पर परीक्षा रद्द की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने पूरा एग्जाम कैंसिल करने से इनकार किया था। 1539 कैंडिडेट्स की दोबारा परीक्षा हुई थी।

नासिक से पेपर लीक की खबर

सूत्रों से खबर है कि लीक हुए पेपर की सबसे पहली कॉपी नासिक पहुंची थी। वहीं से हरियाणा गई। हरियाणा से पेपर के 10 सेट तैयार किए गए और फिर उन्हें बिहार और आंध्र प्रदेश जैसे अलग-अलग राज्यों में भेजा गया।

पेपर छपने से पहले ही नकल गैंग तक पहुंचे

छात्रों तक पहुंचे कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल हैं। ये सभी हाथ से लिखे गए हैं और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही है। इसमें से 150 सवाल हूबहू नीट के पेपर में आए।

छात्रों तक पहुंचे कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल हैं। ये सभी हाथ से लिखे गए हैं और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही है। इसमें से 150 सवाल हूबहू नीट के पेपर में आए।

NTA ने बताया कि 8 मई 2026 को ही इस मामले से जुड़ी कुछ जांचों को केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया था, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि पेपर छपने से पहले ही सवाल नकल गैंग के पास पहुंच गए थे। इस ‘लीक’ के तार सीधे तौर पर जयपुर से जुड़ रहे हैं। राजस्‍थान में कई स्‍टूडेंट्स के पास हाथ से लिखा हुआ गेस पेपर मिला था, जिसके सवाल असल परीक्षा से मैच हो रहे हैं।

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने सोमवार को देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया। इसमें जयपुर से मनीष नाम के शख्स को पकड़ा है। इसे ही पेपर छपने से पहले सवाल लीक करने का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। इसके पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।

इसके कई और राज्यों में फैले होने की आशंका है। गैंग ने छपने से पहले ही लीक किए सवालों में दूसरे सवाल मिलाकर एक ‘क्वेश्चन बैंक’ तैयार किया। इस काम को मनीष ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया।

SOG इन सबकी धरपकड़ करने में जुटा है। इसे लेने वाले कई छात्रों से एजेंसी ने पूछताछ की है। इसमें इन्होंने पैसे के लेनदेन की बात स्वीकार की है। एजेंसी इसकी पूरी मनी ट्रेल निकाल रही है।

720 में से 600 नंबर के सवाल कॉमन

जांच में सामने आया है कि परीक्षा के 720 में से 600 नंबर के सवाल दो दिन पहले ही सीकर में छात्रों के पास पहुंच गए थे। ये गेस पेपर केरल के एक कॉलेज से MBBS कर रहे स्टूडेंट ने 1 मई को सीकर में अपने एक दोस्त को भेज दिया था।

स्टूडेंट्स तक जो क्वेश्चन बैंक पहुंचा, उसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल हैं। ये सभी हाथ से लिखे गए हैं और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही है। इसमें से 150 सवाल हूबहू NEET UG 2026 के पेपर में आए।

एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी विशेष गेस पेपर से परीक्षा में कुछ सवाल हूबहू आने की संभावना रहती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रश्न आने की संभावना आमतौर पर नहीं होती।

2024 में भी हुआ था पेपर लीक

2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक के चलते कुछ सेंटर्स पर रद्द कर दी गई थी। परीक्षा 5 मई 2024 को हुई थी। 6 मई को NTA ने पेपर लीक की बात से इनकार किया था। इसके बाद बिहार (पटना) और झारखंड (हजारीबाग) में जांच हुई। जांच में पेपर लीक के सबूत मिले और कई गिरफ्तारियां भी हुईं थीं।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था और कुछ सेंटर पर 1539 कैंडिडेट्स की दोबारा परीक्षा हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के अलावा, 67 छात्रों को 720/720 अंक मिलना और एक ही केंद्र से कई टॉपर्स का आना भी बड़े विवाद का कारण बना था।

NTA के 7 सालः कभी गलत मार्किंग से स्टूडेंट ने सुसाइड किया, कभी कैटेगरी टॉपर को फेल दिखाया

NEET UG 2019: एक ही सवाल के एक से ज्यादा जवाब सही

NTA ने NEET का पहला एग्जाम 2019 में करवाया था। इस एग्जाम में कई सवालों के एक से ज्यादा सही जवाब थे। सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद NTA ने नई आंसर-की जारी की। इस एग्जाम में एक अभ्यर्थी की जगह दूसरे व्यक्ति ने एग्जाम दिया था।

JEE MAINS 2020: JEE मेंस असम टॉपर की जगह दूसरे कैंडिडेट ने एग्जाम दिया

2020 में JEE MAINS में नील नक्षत्र दास नाम के असम के एक कैंडिडेट की जगह प्रदीप कुमार नाम के एक दूसरे व्यक्ति ने एग्जाम दिया। नील के 99.8% मार्क्स आए। इस मामले में नील, उसके पिता डॉ ज्योतिर्मय दास सहित कुल 7 लोग गिरफ्तार हुए।

NEET UG 2020: NTA ने दिए सिर्फ 6 मार्क्स, सुसाइड के बाद OMR मिलान में 590 मार्क्स

2020 की NEET UG की परीक्षा में, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की विधि सूर्यवंशी को सिर्फ 6 अंक मिले। विधि ने फांसी लगाकर जान दे दी। बाद में जब विधि के भाई ने पोर्टल पर OMR शीट से मार्क्स का मिलान किया तो उसमें विधि के 590 मार्क्स निकले।

NEET UG 2020: ST कैटेगरी टॉपर को NTA ने फेल किया

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के मृदुल रावत को NTA की तरफ से जारी रिजल्ट में 329 मार्क्स मिले थे। उसने रिजल्ट को चुनौती दी। NTA ने OMR रीचेक के बाद जो स्कोर कार्ड जारी किया उसमें अंकों में मार्क्स 650 लिखे थे, जबकि शब्दों में तीन सौ उन्तीस ही लिखा था। मृदुल के मुताबिक, 650 मार्क्स के आधार पर उन्होंने ST कैटेगरी में टॉप किया था, जबकि जनरल कैटेगरी में उनकी रैंक 3577 थी।

JEE MAINS 2022: एग्जाम में तकनीकी दिक्कत के आरोप

2022 में JEE मेंस के एग्जाम के दौरान NTA पर गड़बड़ी के आरोप लगे। एग्जाम के दौरान कई स्टूडेंट्स को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आंसर की और रेस्पॉन्स शीट में भी दिक्कतें थीं।

JEE MAINS 2024: शिफ्ट में छात्रों के असमान बंटवारे का आरोप

इसी साल जनवरी और फरवरी के महीने में 5 अलग-अलग तारीखों पर सेशन-1 की JEE की परीक्षा हुई। छात्रों का आरोप था कि कुछ शिफ्ट में ज्यादा स्टूडेंट्स होने के चलते उनका परसेंटाइल कम हो गया। हालांकि बाद में NTA द्वारा जारी डेटा के मुताबिक सभी शिफ्ट्स में एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स की संख्या लगभग एक ही थी।