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19 मई 2026
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क्या जंग के बन रहे हैं हालात; 8000 पाकिस्तानी सैनिक सऊदी में तैनात

क्या जंग के बन रहे हैं हालात; 8000 पाकिस्तानी सैनिक सऊदी में तैनात
क्या जंग के बन रहे हैं हालात; 8000 पाकिस्तानी सैनिक सऊदी में तैनात

इस्लामाबाद। ईरान जंग के बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब में 8 हजार सैनिक, फाइटर जेट्स और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, यह तैनाती दोनों देशों के बीच हुए रक्षा समझौते के तहत की गई है। 
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने करीब 16 जेफ-17 फाइटर जेट्स, ड्रोन स्क्वाड्रन और चीन में बने एचक्यू-9 एयर डिफेंस सिस्टम भी सऊदी अरब भेजे हैं। पाकिस्तानी सैनिक इन्हें ऑपरेट कर रहे हैं, जबकि खर्च सऊदी अरब उठा रहा है।
जरूरत पडऩे पर पाकिस्तान और सैनिक भेजने के लिए भी तैयार है। हालांकि पाकिस्तान की सेना, विदेश मंत्रालय और सऊदी सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
इस बीच ईरान ने अमेरिका को होर्मुज की नाकाबंदी खत्म करने को कहा है। ऐसा न करने पर ओमान सागर को अमेरिकी सेना का कब्रगाह बनाने की धमकी दी है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा है कि दुनिया में ऑयल रिजर्व तेजी से कम हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा हालात में दुनिया के पास सिर्फ कुछ हफ्तों का ही तेल स्टॉक बचा है। फातिह बिरोल ने कहा कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव और होर्मुज की नाकेबंदी की वजह से तेल सप्लाई पर असर पड़ा है।
ईरान जल्द फैसला ले, वरना गंभीर नतीजे होंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ बातचीत में हो रही देरी से नाराज हैं। उन्होंने कहा है कि ईरान को जल्द फैसला लेना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प का मानना है कि ईरान जानबूझकर बातचीत को लंबा खींच रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो हालात और खराब हो सकते हैं। खबर है कि मंगलवार को व्हाइट हाउस में एक बड़ी बैठक हो सकती है, जिसमें ईरान को लेकर अमेरिका के अगले कदम पर चर्चा होगी। इसमें सैन्य कार्रवाई के विकल्प भी शामिल हो सकते हैं।
होर्मुज में करीब 1,500 कारोबारी जहाज फंसे
खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव और संघर्ष के बीच होर्मुज में करीब 1,500 कारोबारी जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर 20 हजार से ज्यादा नाविक मौजूद हैं, जिन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। डिफेंस एक्सपर्ट मार्टिन केली ने कहा कि सबसे बड़ा खतरा ईरानी मिसाइल या ड्रोन हमलों का है। उनके मुताबिक, ईरान की ओर से कारोबारी जहाजों को निशाना बनाने में कोई तय पैटर्न नहीं दिख रहा, इसलिए हर जहाज खतरे में माना जा रहा है।