श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए भीषण आतंकी हमले में सक्रिय भूमिका निभाने वाले खूंखार आतंकवादी अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान (उर्फ डॉक्टर) की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौत हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, पीओके में छुपे बैठे इस आतंकी को अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से भून दिया।
केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में ही गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम' (UAPA) के तहत आतंकी घोषित किए जा चुके हमजा बुरहान की मौत को सीमा पार बैठे आतंकी आकाओं के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
कौन था आतंकी हमजा बुरहान?
महज 27 वर्ष का अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान मूल रूप से कश्मीर के पुलवामा जिले के रतनीपुरा (खरबतपोरा) का रहने वाला था। उसके पिता का नाम अहमद डार है। बुरहान वैध यात्रा दस्तावेजों के जरिए भारत से पाकिस्तान गया था। पाकिस्तान पहुंचने के बाद वह आतंकी संगठन अल-बद्र में शामिल हो गया।
भारत ने 2022 में हमजा बुरहान को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी था।
भारत से पाकिस्तान गया, फिर आतंकी संगठन से जुड़ा
सरकार के मुताबिक, अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर पुलवामा के रत्नीपोरा इलाके का रहने वाला था। 23 साल का हमजा, आतंकी संगठन अल बद्र से जुड़ा हुआ था। अल बद्र को सरकार ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है।
वह कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था। वहां जाकर वह अल बद्र में शामिल हो गया और बाद में संगठन का सक्रिय आतंकी और कमांडर बन गया। अभी वह पाकिस्तान से ही काम कर रहा था। उस पर आरोप है कि वह युवाओं को अल बद्र में शामिल होने के लिए उकसाता था और फंडिंग भी करता था।
जांच एजेंसियों के अनुसार 2020 में CRPF जवानों पर ग्रेनेड हमले और युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कराने जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहा।

हमजा बुरहान की उम्र अभी 27 साल थी। वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला था।
CRPF के बंकर पर ग्रेनेड हमला किया था
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के काकापोरा इलाके में आतंकियों ने 18 नवंबर 2020 को CRPF के बंकर पर ग्रेनेड हमला किया था। हालांकि ग्रेनेड अपने निशाने से चूककर सड़क पर फट गया, जिससे 12 नागरिक घायल हो गए।
घटना के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया था। यह हमला पुलवामा आतंकी हमले के करीब डेढ़ साल बाद हुआ था, जिसमें 40 CRPF जवान शहीद हुए थे।
बुरहान वानी का करीबी था हमजा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा बुरहान लंबे समय से पाकिस्तान और PoK में सक्रिय था। बुरहान मुजफ्फराबाद के AIMS कॉलेज के बाहर मारा गया। वह अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी सहयोगी था।
बुरहान वानी 8 जुलाई 2016 को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। उसकी मौत के बाद कश्मीर में लंबे समय तक हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुए थे। बुरहान वानी की मौत के बाद जाकिर मूसा हिजबुल का कमांडर बना था। वह 23 मई 2019 को पुलवामा जिले के त्राल इलाके में सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में मारा गया था।