अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने वीकेंड गोल्फ कार्यक्रम रद्द कर अचानक व्हाइट हाउस लौट आए हैं। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों की तैयारी कर सकता है। CBS न्यूज ने दावा किया है कि ट्रम्प प्रशासन संभावित नए हमलों की प्लानिंग पर विचार कर रहा है, हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन और सेना के कई सीनियर अधिकारियों ने भी अपने छुट्टी और हॉलिडे प्रोग्राम रद्द कर दिए हैं।
इसी बीच ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने दावा किया कि ईरानी सेना दुश्मन की किसी भी बेवकूफी का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।ईरान पर हमला ना करने की अपील- सऊदी अरब, UAE और कतर ने ट्रम्प से ईरान पर हमला न करने और युद्ध की जगह कूटनीति अपनाने की अपील की है।
- EU नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी में- यूरोपीय यूनियन (EU) होर्मुज स्ट्रेट बंद कराने के आरोप में ईरानी अधिकारियों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है।
- होर्मुज खोलने के लिए फ्रांस का प्रस्ताव- फ्रांस ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मिशन तैनात करने का नया प्रस्ताव तैयार किया है।
- पाकिस्तान सेना प्रमुख ईरान में- पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर तेहरान पहुंचे, जहां अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने और समझौते पर चर्चा हुई।
- कतर की टीम तेहरान पहुंची- रॉयटर्स के मुताबिक, युद्ध खत्म कराने और बाकी विवाद सुलझाने के लिए कतर की एक टीम शुक्रवार को तेहरान पहुंची है।
ईरान ने तंज कसा, कहा- ट्रम्प से तुलना के बाद भैंसा भी उदास
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प पर तंज कसते हुए एक वायरल भैंसे का वीडियो शेयर किया है। यह सफेद रंग का भैंसा बांग्लादेश में काफी चर्चा में है। लोगों का मानना है कि उसका चेहरा और बाल ट्रम्प से मिलते-जुलते हैं।
रूस में ईरान के आधिकारिक एक्स अकाउंट ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “बेचारा! डोनाल्ड ट्रम्प से तुलना होने के बाद बांग्लादेशी भैंसा परेशान हो गया।”
वीडियो में रूसी सरकारी चैनल आरटी की रिपोर्ट दिखाई गई, जिसमें दावा किया गया कि ट्रम्प जैसे दिखने वाले इस भैंसे ने लोगों की भीड़ लगने के बाद खाना कम कर दिया है।
यह भैंसा बांग्लादेश के नारायणगंज इलाके में मौजूद है और ईद-उल-अजहा से पहले लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। करीब 700 किलो वजन वाले इस दुर्लभ सफेद भैंसे का सुनहरा रंग और सिर पर बालों का गुच्छा लोगों को ट्रम्प की याद दिला रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल होने के बाद हर दिन बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं। एक व्यक्ति ने बांग्लादेशी अखबार से कहा कि जब उसने फेसबुक पर इसकी तस्वीर देखी तो उसे लगा कि यह बिल्कुल ट्रम्प जैसा दिखता है।
ईरान से अकेले डील में जुटा अमेरिका, इजराइल किनारे

ट्रम्प सरकार ने ईरान के साथ चल रही युद्धविराम और परमाणु बातचीत से इजराइल को लगभग बाहर कर दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली अधिकारियों को अमेरिका-ईरान बातचीत की जानकारी सीधे वॉशिंगटन से नहीं मिल रही। उन्हें क्षेत्रीय नेताओं, राजनयिक संपर्कों और ईरान के भीतर अपनी खुफिया निगरानी के जरिए जानकारी जुटानी पड़ रही है।
यह बदलाव प्रधानमंत्री नेतन्याहू के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। उन्होंने लंबे समय तक खुद को ऐसे नेता के रूप में पेश किया जो ट्रम्प पर सबसे ज्यादा असर रखते हैं। युद्ध की शुरुआत में नेतन्याहू ने कहा था कि वे ट्रम्प से लगभग हर दिन बात करते हैं और दोनों मिलकर फैसले लेते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प सरकार अब ईरान के साथ ऐसे समझौते पर विचार कर रहा है जिसमें ईरान की परमाणु गतिविधियों पर केवल सीमित समय के लिए रोक लगे। यह प्रस्ताव काफी हद तक 2015 के उस परमाणु समझौते जैसा माना जा रहा है जिसका नेतन्याहू ने उस समय कड़ा विरोध किया था।
इजराइल की एक और बड़ी चिंता यह है कि बातचीत में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों का मुद्दा शायद शामिल ही नहीं है। अगर ऐसा हुआ तो इजराइल के लिए यह बड़ा झटका होगा क्योंकि मार्च और अप्रैल में ईरानी मिसाइल हमलों से वहां सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था।
इसके अलावा इजराइल को डर है कि अगर अमेरिका ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाता है तो तेहरान को अरबों डॉलर मिल सकते हैं। इससे ईरान फिर से अपने हथियार कार्यक्रम और अपने सहयोगी संगठनों जैसे हेजबुल्लाह को मजबूत कर सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध के शुरुआती दिनों में अमेरिका और इजराइल बेहद करीबी तालमेल में काम कर रहे थे। दोनों देशों की सेनाएं साझा रणनीति बना रही थीं। लेकिन जैसे-जैसे युद्ध लंबा खिंचा और ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद कर तेल कीमतों को बढ़ा दिया, ट्रम्प का ध्यान युद्ध खत्म कराने पर ज्यादा केंद्रित हो गया। धीरे-धीरे अमेरिका और इजराइल की प्राथमिकताएं अलग होने लगीं।
एक्सपर्ट बोले- ईरान परमाणु कार्यक्रम पर समझौते को तैयार
तेहरान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर फोआद इजादी ने कहा है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके बदले उसकी कुछ अहम शर्तें हैं।
अल जजीरा से बातचीत में इजादी ने कहा कि ईरान पहले भी ऐसा कर चुका है। उन्होंने 2015 के परमाणु समझौते का उदाहरण दिया।
इजादी के मुताबिक, 2015 के परमाणु समझौते में ईरान ने यूरेनियम एनरिचमेंट की सीमा 3.67% तक रखने पर सहमति दी थी।
उन्होंने कहा कि इस स्तर पर परमाणु हथियार बनाना संभव नहीं माना जाता। साथ ही अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की व्यापक निगरानी और निरीक्षण व्यवस्था भी लागू की गई थी।