नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में बेमौसम आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसलों को हुए नुकसान पर केंद्र सरकार सक्रिय हो गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए मंत्रालय को व्यापक समीक्षा और राज्यों से समन्वय के निर्देश दिए हैं।
कृषि मंत्रालय ने अधिकारियों से कहा है कि प्रभावित राज्यों से तुरंत संपर्क कर जमीनी स्तर पर फसल क्षति का आकलन किया जाए। इस मुद्दे पर शिवराज एक-दो दिनों में विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ बैठक कर नुकसान की वास्तविक स्थिति पर चर्चा भी करेंगे।
बेमौसम बारिश के फसलों को नुकसान
बेमौसम बारिश ने खासकर उत्तर भारत और मध्य भारत के किसानों को झटका दिया है। बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र में गेहूं की खड़ी फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। कई जगहों पर फसल पककर तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने उसे गिरा दिया। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हजारों हेक्टेयर फसल खराब होने की खबर है, जिससे बड़ी संख्या में किसान प्रभावित हुए हैं।
पंजाब और हरियाणा में समस्या और गंभीर है। यहां खेतों में पानी भरने से कटाई का काम ठप पड़ गया है। मशीनों का संचालन मुश्किल हो गया है। इससे मंडियों तक अनाज पहुंचने में भी देरी की आशंका है।
बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, मौसम की यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बनी है। भारत मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सात से दस अप्रैल के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की नई लहर आ सकती है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों की दी सलाह
कृषि विशेषज्ञों और मौसम आधारित सलाह सेवाओं ने भी किसानों को इस दौरान सतर्क रहने का सुझाव दिया है। जहां फसल तैयार है, वहां तुरंत कटाई करने की सलाह दी गई है। बागवानी फसलों के लिए ओलारोधी जाल लगाने और कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की हिदायत दी गई है। पशुपालकों को भी मवेशियों को सुरक्षित रखने को कहा गया है।
केंद्र सरकार ने राज्यों से मांगी रिपोर्ट
केंद्र सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि संकट की इस घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि नुकसान का आकलन कर आवश्यक राहत उपाय किए जाएंगे। राज्यों से आने वाली रिपोर्ट के बाद केंद्र की ओर से कुछ घोषणाा हो सकती है।