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23 अप्रैल 2026
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बस्सी रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं पूरी, लेकिन यात्रियों की आस अधूरी, सुपरफास्ट एंव मालगाड़ी ट्रेनों का ठहराव ना होना, यात्रियों के लिए सबसे बड़ी निराशा

बस्सी रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं पूरी, लेकिन यात्रियों की आस अधूरी, सुपरफास्ट एंव मालगाड़ी ट्रेनों का ठहराव ना होना, यात्रियों के लिए सबसे बड़ी निराशा
बस्सी रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं पूरी, लेकिन यात्रियों की आस अधूरी, सुपरफास्ट एंव मालगाड़ी ट्रेनों का ठहराव ना होना, यात्रियों के लिए सबसे बड़ी निराशा

दैनिक सम्राट संवाददाता
बस्सी (डीसी बेनिवाल)।
उत्तर-पश्चिम रेलवे द्वारा बस्सी रेलवे स्टेशन को अपग्रेड करके यहां सुविधाओं में बढ़ोतरी की गई है। यहां सिस्टम (सूचना डिस्प्ले), फुट ओवर ब्रिज, यात्रीगण कृपया ध्यान दें सुविधा के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन सूचना डिस्प्ले सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, ट्रेन अनाउंसमेंट सिस्टम जैसी आधारभूत सुविधाएं तो शुरू हो गई हैं, लेकिन यात्रियों की मुख्य मांग—बस्सी में प्रमुख ट्रेनों का ठहराव—अब भी अधूरी है। पैसेंजर ट्रेनों की कमी और एक्सप्रेस गाडिय़ों का ठहराव नही होने से स्थानीय लोगों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को आवागमन के लिए जयपुर, दौसा या अन्य नजदीकी बड़े स्टेशनों पर जाना पड़ता है। ट्रेनों का ठहराव नहीं होना यात्रियों के लिए सबसे बड़ी निराशा का कारण बना हुआ है। 
बस्सी में ट्रेनों के ठहराव को लेकर आमजन, छात्र, नौकरीपेशा और व्यवसायी लंबे समय से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग कर रहे हैं ताकि आवागमन सुगम हो सके। स्टेशन पर बुनियादी ढांचा (प्लेटफ़ॉर्म, शेड, शौचालय) होने के बावजूद ट्रेनों का ठहराव नहीं होना क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी के लिए नुकसानदेह है। बस्सी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के अपर्याप्त ठहराव के कारण स्थानीय निवासियों, छात्रों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों के ना रुकने से यात्रियों को दूर के स्टेशनों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों बर्बाद होते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जयपुर-दौसा-बांदीकुई मार्ग पर चलने वाली प्रमुख ट्रेनों का ठहराव बस्सी रेलवे स्टेशन पर कर दिया जाए, तो उन्हें इस दैनिक परेशानी से बड़ी राहत मिल सकती है।
जानकारी के मुताबिक बस्सी रेलवे स्टेशन पर 4 सी ग्रेड स्टेशन मास्टर एंव डी ग्रेड पोस्टमैन कुल 9 है, जिनमे 3 महिलाएं एंव 6 पुरूष कार्यरत हैं। इधर, स्टेशन मास्टर रंजना कुमारी जांगिड़ व स्टेशन अधीक्षक फैलीराम मीणा ने बताया कि बस्सी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुविधाएं पूरी है। आमतौर पर बस्सी रेलवे स्टेशन पर रोजाना 100 से अधिक ट्रेनें गुजरती है, लेकिन यहां मात्र 6 ट्रेने ही रुकती है। बस्सी रेलवे स्टेशन पर शहर सहित आसपास के दूरदराज गांवों से प्रतिदिन हजारों यात्रियों का जयपुर-दौसा-बांदीकुई की तरफ आवाजाही रहती है। हालांकि बस्सी में ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को जयपुर, दौसा, बांदीकुई स्टेशन पर पहुंचने के लिए अतिरिक्त किराया देकर निजी वाहनों से मनमाने दामों में सफर करना पड़ रहा है।
यात्रियों और रेलवे दोनों को फायदा: यात्रियों ने बताया कि यहां अन्य ट्रेनों का ठहराव हो तो सुविधाएं मिल सकती है, बस्सी रेलवे स्टेशन के समीप रिको औद्योगिक क्षेत्र, शिक्षण संस्थाएं, कोचिंग हब, लाइब्रेरियां, फैक्ट्रीयां सहित अन्य सरकारी, गैर सरकारी संस्थान होने से रोजाना हजारों यात्रियों का आवागमन रहता है। खासकर, बस्सी रेलवे स्टेशन के समीप रीको ओद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियां भी संचालित हैं। इन फैक्ट्रियों में काम आने के लिए कच्चे माल का आयात एवं पक्के माल का निर्यात करने के लिए ट्रांसपोर्ट की जरूरत भी पड़ती है। यदि यहां मालगाडिय़ों का ठहराव हो तो उद्योगपति फैक्ट्रियों में बाहर से आने वाले माल को मंगवा सकते है। वहीं तैयार माल को बाहर ट्रेनों से भेज भी सकते हैं। मजबूरी में फैक्ट्री मालिकों को माल सडक़ मार्ग से भेजना पड़ता है। अगर सवारी गाड़ी एवं मालगाड़ी ट्रेनों का ठहराव हो तो यात्रियों को सुविधाएं मिल सकती है। इससे यात्रियों को ही नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे को भी राजस्व आय में बड़ा फायदा होगा।
बस्सी में इन ट्रेनों का हो रहा ठहराव
जयपुर से बांदीकुई 
14734-05:46एएम -547 एएम बठिण्डा पेसेंजर
09635-10:07-10:09 एएएम रेवाड़ी पेसेंजर
79601-11:07-11:09 एएएम गंगापुर डेमो
51974-16:19-16:20 पीएम मथुरा पेसेंजर
14716-19:19-19:20 हिसार एक्सप्रेस
बांदीकुई से जयपुर 
14733-08:03-08-04 बठिण्डा जयपुर एक्सप्रेस
51973-13:07-13-08 मथुरा पैसेंजर जयपुर 
79602-18:04 -18:05 गंगापुर अजमेर डेमो
09636-18:47-18:49 रेवाड़ी जयपुर पेसेंजर
14715-23:20-23:21 हिसार जयपुर एक्सप्रेस का ठहराव होता है।