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14 मई 2026
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हैदराबाद में ग्राम-2026 के तहत इन्वेस्टर्स मीट:मुख्यमंत्री ने कहा- पधारो म्हारे देस

हैदराबाद में ग्राम-2026 के तहत इन्वेस्टर्स मीट:मुख्यमंत्री ने कहा- पधारो म्हारे देस
हैदराबाद में ग्राम-2026 के तहत इन्वेस्टर्स मीट:मुख्यमंत्री ने कहा- पधारो म्हारे देस


राजस्थान में कृषि आधारित उद्योगों में निवेश की अपार संभावनाएं
फूड पार्क, सीड एवं फूड प्रोसेसिंग के लिए 200 करोड़ रुपए से अधिक 
के हुए एमओयू
दैनिक सम्राट संवाददाता
हैदराबाद/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान पारंपरिक खेती से आगे बढक़र एग्रीटेक एवं फूड प्रोसेसिंग के सुनहरे अवसरों की भूमि बन चुका है। कृषि पैदावार में विविधता के कारण राजस्थान में प्रसंस्करण उद्योग, कोल्ड चेन, स्पाइस पार्क एवं कृषि आधारित उद्योगों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार प्रदेश को कृषि आधारित उद्योगों और वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को हैदराबाद में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 के तहत आयोजित इन्वेस्टर्स मीट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ‘पधारो म्हारो देस’ का आह्वान करते हुए निवेशकों, एग्री-टेक स्टार्टअप्स और विशेषज्ञों को राजस्थान में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि ग्राम-2026 निवेेशकों के लिए बड़े अवसरों का मंच है तथा इसके माध्यम से निवेशक राजस्थान में निवेश कर राज्य की विकास यात्रा के सहभागी बने। राज्य सरकार निवेशकों के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य करने के लिए तैयार है।
हैदराबाद का ‘लैब टू लैंड’ मॉडल राजस्थान के लिए प्रेरणादायी
उन्होंने कहा कि हैदराबाद आज देश का प्रमुख आईटी और एग्री इनोवेशन हब बन चुका है। यहां विकसित हो रहे एग्री स्टार्टअप, ड्रोन टेक्नोलॉजी, प्रिसिजन फार्मिंग और फूड प्रोसेसिंग का इकोसिस्टम देश के कृषि भविष्य को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद का लैब टू लैंड मॉडल राजस्थान के लिए प्रेरणादायी है और राज्य सरकार इसे और अधिक मजबूती से लागू करना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हैदराबाद में बसे राजस्थान के उद्यमियों ने यहां की अर्थव्यवस्था और संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मारवाड़ी समाज जहां भी जाता है, वहां अपनी मेहनत, विवेक और सामाजिक सरोकारों से अलग पहचान बनाता है। प्रवासी राजस्थानी आज भी अपने धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों से जुड़े हुए हैं।
पानी-ऊर्जा किसान की प्रगति के आधार, रोडमैप के साथ काम कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी एवं ऊर्जा की उपलब्धता किसान की प्रगति के प्रमुख आधार हैं। इसी दिशा में हमारी सरकार ने प्रदेश में बिजली एवं पानी का रोडमैप बनाया। इसके तहत रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर एवं गंगनहर का सुदृढ़ीकरण, देवास परियोजना का विस्तार के माध्यम से पेयजल एवं सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के संकल्प के तहत अब तक 24 जिलों में दिन में बिजली आपूर्ति की जा रही है। सरकार किसानों, उद्योगों और आम उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। इसी क्रम में 65 हजार से अधिक सौर पंप संयंत्र स्थापित किए गए हैं तथा 1 हजार करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान दिया गया है, जिससे किसानों की बिजली लागत में कमी आई है और कृषि उत्पादन बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।