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14 मई 2026
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सोनोग्राफी मशीन के बंद रहने से मरीज परेशान

सोनोग्राफी मशीन के बंद रहने से मरीज परेशान
सोनोग्राफी मशीन के बंद रहने से मरीज परेशान

दो चिकित्सक ले रहे प्रशिक्षण, उप जिला अस्पताल जमवारामगढ़ का मामला
दैनिक सम्राट संवाददाता
जमवारामगढ़ (अंकिता शर्मा)।
राजकीय उप जिला अस्पताल में करीब तीन वर्ष पूर्व स्थापित की गई अत्याधुनिक सोनोग्राफी मशीन मरीजों के लिए अब तक पूरी तरह उपयोगी साबित नहीं हो पाई है। लाखों रुपए की लागत से लगाई गई मशीन बार-बार बंद रहने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार आईसीआईसीआई फाउंडेशन द्वारा सीएसआर मद से लगभग 38 लाख रुपए की लागत से अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन स्थापित की गई थी। मशीन को संचालित करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट अथवा प्रशिक्षित सोनोलॉजिस्ट विशेषज्ञ की आवश्यकता थी। मशीन लगने के बाद तीन वर्ष पहले एक रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक को प्रतिनियुक्ति पर लगाया गया, लेकिन उनका एक सप्ताह बाद ही स्थानांतरण हो जाने से मशीन केवल दो दिन चलने के बाद बंद हो गई। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने से मशीन लंबे समय तक बंद पड़ी रही।
विगत माह स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार मीणा को पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत पंजीयन कर गर्भवती महिलाओं की जांच की अनुमति प्रदान की गई थी। साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अविनाश बागड़ा की नियुक्ति भी अस्पताल में की गई। हालांकि दोनों चिकित्सकों को अत्याधुनिक मशीन संचालन का प्रशिक्षण नहीं होने से मशीन पुन: बंद पड़ी है।
उप जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश कुमार सैनी ने बताया कि दोनों चिकित्सकों को जयपुरिया अस्पताल में पखवाड़े भर के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है, ताकि वे मशीन के माध्यम से सोनोग्राफी जांच कर सकें। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद मशीन को नियमित रूप से शुरू किया जाएगा।
इधर सोनोग्राफी मशीन बंद रहने की शिकायत राजस्थान संपर्क पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई है। मरीजों एवं स्थानीय लोगों का कहना है कि चिकित्सा विभाग मशीन संचालन को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। उनका कहना है कि निजी अस्पतालों में सोनोग्राफी मशीनें नियमित रूप से संचालित रहती हैं, जबकि सरकारी अस्पताल में भामाशाह के सहयोग से लगी मशीन शोपीस बनकर रह गई है।
इनका कहना है
दोनो चिकित्सकों का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जल्द ही मशीन को चालू कर मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. योगेश कुमार सैनी, प्रमुख चिकित्साधिकारी, उप जिला अस्पताल जमवारामगढ़