Dainik Samrat Logo
🔗
💬 WhatsApp 📘 Facebook 🐦 Twitter
23 मई 2026
Epaper

जानलेवा हो रही गर्मी, हीटस्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे, इस वर्ष हीटस्ट्रोक और मौतों में भारी वृद्धि

जानलेवा हो रही गर्मी, हीटस्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे,  इस वर्ष हीटस्ट्रोक और मौतों में भारी वृद्धि
जानलेवा हो रही गर्मी, हीटस्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे, इस वर्ष हीटस्ट्रोक और मौतों में भारी वृद्धि

नई दिल्ली। देश में बढ़ती गर्मी के बीच हीटस्ट्रोक के मामलों में तेजी देखी जा रही है। दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश में मार्च से मई के बीच 300 से ज्यादा संदिग्ध हीटस्ट्रोक के मामले सामने आए हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 1 मार्च से 19 मई तक कुल 325 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए। इनमें से करीब एक-तिहाई मामले मई की शुरुआत के बाद सामने आए।

हीटस्ट्रोक शरीर के जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाने पर होने वाली गंभीर स्थिति है। इसमें चक्कर आना, उल्टी, भ्रम, बेहोशी, दौरे पड़ना और अंगों के काम करना बंद करने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

आंध्र प्रदेश प्रशासन ने लोगों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान हीटवेव और अत्यधिक तापमान अपने चरम पर रहता है।

दिल्ली और उत्तर भारत में हीटवेव का खतरा

भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 22 से 27 मई के बीच दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में हीटवेव से लेकर गंभीर हीटवेव जैसी स्थिति बन सकती है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल में हीटस्ट्रोक के दो मरीज भर्ती किए गए हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

देश के कई हिस्सों में तेज गर्मी के कारण अस्पतालों में डायरिया और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। वहीं गुजरात जैसे राज्यों में पानी की कमी की समस्या भी सामने आ रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने और सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री ज्यादा रहने पर हीटवेव घोषित की जाती है। अगर तापमान 45 डिग्री तक पहुंच जाए तो स्थिति और गंभीर मानी जाती है।

उत्तर प्रदेश में 48 डिग्री तक पहुंचा तापमान

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल अब तक का सबसे अधिक तापमान उत्तर प्रदेश के बांदा में दर्ज किया गया, जहां पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पिछले साल मार्च से जून के बीच देश में 7,000 से ज्यादा संदिग्ध हीटस्ट्रोक के मामले और 14 मौतें दर्ज हुई थीं। वहीं 2024 की इसी अवधि में 40,000 संदिग्ध मामले और 110 मौतें सामने आई थीं।