तेहरान। ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड ने होर्मुज स्ट्रेट में भारत आ रहे एक जहाज को रोककर कब्जे में ले लिया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि जहाज बिना इजाजत होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहा था।
लाइबेरिया के फ्लैग वाला एपामिनोडेस नाम का यह कंटेनर शिप गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था। ईरानी नौसेना के मुताबिक जहाज के नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ की गई थी, जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ।
कार्रवाई के दौरान आईआरजीसी ने जहाज को रोककर अपने कब्जे में लिया और उसे तट की ओर ले गई। इसके अलावा इजराइल से जुड़े फ्रांसेस्का नाम के दूसरे जहाज को भी कब्जे में लिया गया है। इसके अलावा यूफोरिया नाम के जहाज पर हमला भी किया गया है।
इस जहाज पर राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रहने वाले मर्चेंट नेवी में वाइस कैप्टन संजय माहर मौजूद हैं। उन्होंन बताया कि मेरे शिप पर ईरान की सेना ने फायरिंग की। इसके बाद हम सभी अंदर आ गए। जहाज में मेरे समेत कुल 21 क्रू है। संजय ने शिप के अंदर का एक वीडियो भी भेजा है।
पाक आर्मी चीफ मुनीर और शहबाज की अपील पर फैसला
ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका, पाकिस्तान की अपील पर ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम (सीजफायर) को आगे बढ़ा रहा है। हालांकि उन्होंने यह नहीं कहा कि यह कितने दिन के लिए बढ़ाया गया है।
ट्रम्प ने कहा कि ईरान में इस समय नेतृत्व और सरकार में एकजुटता नहीं है। ऐसे वक्त में पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने उनसे ईरान पर कुछ समय तक हमले रोकने की अपील की, ताकि ईरान को साझा प्रस्ताव तैयार करने का वक्त मिल सके।
ट्रम्प ने कहा कि इस अपील को मानते हुए उन्होंने अमेरिकी सेना को फिलहाल हमला रोकने का आदेश दिया है। हालांकि, सेना को पूरी तरह तैयार रहने को भी कहा गया है। इस दौरान ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए नाकेबंदी (ब्लॉकेड) जारी रहेगी।
उन्होंने साफ किया कि सीजफायर तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान अपनी ओर से ठोस और एकजुट प्रस्ताव नहीं दे देता और बातचीत पूरी नहीं हो जाती, चाहे उसका नतीजा कुछ भी निकले।
ईरान का 3 जहाजों पर हमला, दो कब्जे में लिए
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में ईरान ने तीन जहाजों पर फायरिंग की और उनमें से दो को कब्जे में ले लिया। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका ने सीजफायर बढ़ाते हुए ईरान पर नाकाबंदी जारी रखी है।रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड इन दो जहाजों को अपने देश ले जा रही है। इसे क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है। यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच हुआ है। दोनों देशों के बीच तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से लगभग सभी निर्यात प्रभावित हो चुके हैं। गौरतलब है कि सामान्य हालात में दुनिया के करीब 20त्न तेल का व्यापार इसी रास्ते से होता है। लेकिन मौजूदा हालात में यह मार्ग लगभग ठप हो गया है और स्थिति में सुधार के कोई संकेत नहीं हैं। इस टकराव का असर गैस की कीमतों पर भी पडऩा शुरू हो गया है, हालांकि इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पिछले 24 घंटे के बड़े अपडेट्स
ठ्ठ ट्रम्प की धमकी: ईरान को चेतावनी दी कि अगर पीस डील नहीं हुई, तो अमेरिकी सेना हमले के लिए पूरी तरह तैयार है और आदेश मिलते ही कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने कहा कि सीजफायर आगे नहीं बढ़ाएंगे।
ठ्ठ होर्मुज खुलवाने पर बैठक: होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए ्य-फ्रांस ने 30 देशों की बैठक बुलाने का फैसला किया है। लंदन में आज यह बैठक होगी।
ठ्ठ हूती विद्रोहियों की चेतावनी: यमन के हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि जंग अभी खत्म नहीं हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच बना सीजफायर कमजोर है। इसलिए आगे बड़ा संघर्ष होना तय है।
ठ्ठ फ्रांस की कड़ी टिप्पणी: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी को अमेरिका की गलती बताया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद ईरानी अधिकारियों ने अपना शुरुआती रुख बदल लिया।
ईरान ने होर्मुज में भारत का जहाज रोका
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