नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी के खिलाफ उनके आरोपों से संबंधित मामले में पवन खेड़ा को संभावित दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा बढ़ाने से इनकार करने के बाद भाजपा ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर अपने हमले को तेज कर दिया।
भाजपा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश खेड़ा द्वारा चलाए जा रहे ''बिना आधार और राजनीतिक प्रेरित'' अभियान को उजागर करता है।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो में आरोप लगाया कि खेड़ा ने जाली सामग्री पर भरोसा किया। उन्होंने कहा, ''पवन खेड़ा को पिछले कुछ दिनों में सुप्रीम कोर्ट से दूसरा झटका लगा है..उन दस्तावेजों (जो खेड़ा ने पेश किए) को जाली, नकली, फोटोशाप्ड, एआइ-जनित पाया गया और आधे घंटे में पूरी सच्चाई सामने आ गई। वास्तव में उन्होंने अदालत में भी जाली दस्तावेज पेश किए।''
पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने हिमंत बिस्व सरमा और उनके परिवार के ''राजनीतिक हत्या'' के लिए जाली सामग्री का सहारा लिया, ''जो पाकिस्तान के इशारे पर किया गया।''
उन्होंने कहा, ''खेड़ा ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के इशारे पर दिए गए जाली दस्तावेजों का उपयोग करके हिमंत बिस्व सरमा और उनकी पत्नी की राजनीतिक हत्या करने का प्रयास किया।''
खेड़ा पर कटाक्ष करते हुए पूनावाला ने कांग्रेस नेता के आचरण पर सवाल उठाया। ''उन्होंने झूठ का जाल बुन दिया और अब भगोड़े की तरह छिप रहे हैं.. खेड़ा कोई बब्बर शेर नहीं, बल्कि भीगी बिल्ली हैं।''
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खेड़ा की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया और उन्हें असम में सक्षम न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए जाने को कहा।
5 अप्रैल को प्रेस कान्फ्रेंस में खेड़ा ने आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति है, जो सरमा के अप्रैल 9 के विधानसभा चुनावों के लिए हलफनामे में घोषित नहीं की गई। सरमा और उनकी पत्नी ने इन आरोपों को झूठा और जाली बताया है।