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18 अप्रैल 2026
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नीलकंठ चौराहे पर आवारा पशुओं का तांडव, सडक़ बनी रणभूमि, कई वाहन क्षतिग्रस्त

नीलकंठ चौराहे पर आवारा पशुओं का तांडव, सडक़ बनी रणभूमि, कई वाहन क्षतिग्रस्त
नीलकंठ चौराहे पर आवारा पशुओं का तांडव, सडक़ बनी रणभूमि, कई वाहन क्षतिग्रस्त

दैनिक सम्राट संवाददाता
चाकसू (लोकेश कुमार गुप्ता)।
कस्बे के व्यस्त नीलकंठ चौराहे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आवारा पशुओं की आपसी लड़ाई ने पूरे क्षेत्र को रणभूमि में तब्दील कर दिया। यह घटना स्कूल छुट्टी के समय हुई, जब चौराहे पर विद्यार्थियों, अभिभावकों और राहगीरों की भारी भीड़ मौजूद थी। अचानक दो-तीन आवारा पशु आपस में भिड़ गए और देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पशुओं की इस भिड़ंत के चलते सडक़ पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। कई दुपहिया और चारपहिया वाहन इस दौरान क्षतिग्रस्त हो गए। मौके पर मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन कई लोग बाल-बाल बच गए।घटना के समय स्कूलों की छुट्टी होने के कारण बड़ी संख्या में बच्चे और अभिभावक वहां मौजूद थे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से बच्चों में दहशत फैल गई और कई बच्चे घबराकर रोने लगे। अभिभावकों ने किसी तरह अपने बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। स्थानीय दुकानदारों ने भी तुरंत अपनी दुकानें बंद कर दीं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि चाकसू क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा है। आए दिन इस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आमजन की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिली। नागरिकों ने कहा कि यदि समय रहते आवारा पशुओं की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने नगर पालिका और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आवारा पशुओं को पकडक़र सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए और इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।