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18 अप्रैल 2026
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बस्सी में ओवरलोड वाहनों पर हो सख्त कार्यवाही, तब ही लग सकता है हादसों पर विराम

बस्सी में ओवरलोड वाहनों पर हो सख्त कार्यवाही, तब ही लग सकता है हादसों पर विराम
बस्सी में ओवरलोड वाहनों पर हो सख्त कार्यवाही, तब ही लग सकता है हादसों पर विराम

पुलिस और परिवहन विभाग कार्यवाही से दूर
दैनिक सम्राट संवाददाता
बस्सी (डीसी बेनिवाल)।
क्षेत्र में लंबे समय से ओवरलोड वाहनों का संचालन हो रहा है। कई वाहन चालक ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में क्षमता से अधिक सवारियां ढो़ रहे हैं। हालांकि पुलिस व परिवहन अधिकारी समय-समय पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की बात तो कहते हैं लेकिन वर्तमान में कार्रवाई सिर्फ सडक़ सुरक्षा जैसे अभियानों और विभाग की ओर से दिए जा रहे टारगेट को पूरा करने तक सीमित है। लोगों का कहना है कि बस्सी पुलिस बाइक पर तो तीन सवारियां बैठी हो तो उनका चालान कर देती है, लेकिन इस तरह के ओवरलोड वाहनों की तरफ पुलिस का ध्यान ही नहीं है। खास बात तो यह है कि बस्सी पुलिस थाने के मुख्य द्वार के आगे से गुजर रहे स्टेट हाईवे पर रोजाना सैकड़ों ओवरलोड वाहन हादसों को न्यौता देते हुए लाउड स्पीकर बजाते हुए बेझिझक, बिना रोक-टोक दौड़ रहे हैं।
सडक़ों पर दौड़ते ओवरलोड वाहन बन रहे हादसों का प्रमुख कारण: क्षेत्र की सडक़ों पर दौड़ते ओवरलोड वाहन गंभीर हादसों का प्रमुख कारण बन रहे हैं, जिससे ब्रेक फेल, टायर फटने और वाहन अनियंत्रित होने का खतरा बस्सी में कई गुना बढ़ गया है। ये वाहन न केवल सवारियों बल्कि अन्य राहगीरों की जान भी जोखिम में डालते है। बल्कि अवैध बजरी, रोड़ी-पत्थर, मिट्टी खनन, ओवरलोड तूड़ा-चारा, गीली लकडिय़ां ले जाकर तेज लाउडस्पीकर में नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जुगाड़, डंपर, ट्रक, पिक-अप और ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसों को न्यौता दे रहे हैं, जिससे सडक़ सुरक्षा खतरे में है। पुलिस और परिवहन विभाग की अनदेखी के कारण अवैध रूप से खनिजों व माल की ढुलाई जारी है, जिससे जाम व दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। इसके जवाब में, पुलिस और प्रशासन अक्सर समय-समय पर कार्रवाई की सख्ती का दावा करते हैं। जबकि मोटर वाहन अधिनियम के तहत ओवरलोडिंग पर ?20,000 तक का जुर्माना और प्रति अतिरिक्त टन ?2,000 का अतिरिक्त दंड या वाहनों को जब्त करने का प्रावधान है।
बस्सी में हादसों का प्रमुख कारण
ब्रेक फेल और दुर्घटनाएं: अधिक वजन के कारण ब्रेक पर भारी दबाव पड़ता है, जिससे वे अचानक काम करना बंद कर देते हैं।
अस्थिरता और पलट जाना: भारी भार के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे किसी मोड़, कट या चढ़ाई अथवा अधिक ढ़लान पर वाहन पलट जाते हैं।
टायर फटना: भीषण गर्मी एंव क्षमता से अधिक वजन होने पर टायर फटने की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
यातायात में बाधा: धीमी गति और अनियंत्रित होने के कारण, ये वाहन हाईवे पर ट्रैफिक जाम का कारण भी बनते हैं।
इनका कहना है
समय-समय पर ओवरलोड वाहनो पर कार्रवाई की जा रही है। लेकिन अब सख्ती दिखाकर ओवरलोड वाहनो पर ठोस कार्रवाई करके उन्हें जब्त किया जाएगा।
- धर्मेन्द्र शर्मा, थानाधिकारी, पुलिस थाना बस्सी, जयपुर पूर्व