नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज रात पता चल जाएगा। शायद कुछ क्रांतिकारी और अद्भुत घटित हो सकता है, कौन जाने?
ट्रंप ने धमकी भरे अंदाज में कहा, 'आज रात एक पूरी सभ्यता मिट जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। मैं नहीं चाहता ऐसा हो, लेकिन ऐसा ही होगा।'
उन्होंने कहा कि हमें आज रात पता चल जाएगा, यह दुनिया के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण पलों में से एक होगा।

उन्होंने कहा- मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद ऐसा ही होगा। हालांकि, अब वहां सत्ता पूरी तरह बदल चुकी है जहां अलग, ज्यादा समझदार और कम कट्टर सोच वाले लोग मौजूद हैं। कौन जानता है कि शायद कुछ बहुत शानदार और क्रांतिकारी हो सकता हो?
ट्रम्प ने दावा किया कि आज रात हम दुनिया के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे अहम पल के गवाह बनेंगे। 47 सालों की ज्यादती, भ्रष्टाचार और मौत का सिलसिला आखिरकार खत्म हो जाएगा। ईश्वर ईरान के लोगों की रक्षा करे।
ईरान में कई जगहों पर अटैक
अमेरिका और इजराइल ने मंगलवार को ईरान में कई जगहों पर हमला किया। सबसे बड़ा हमला खार्ग आइलैंड पर हुआ, जहां ऑयल टर्मिनल को निशाना बनाया गया। ईरान का करीब 80 से 90% कच्चा तेल यहीं से एक्सपोर्ट होता है।
इसी दौरान कोम और कशान में भी पुलों को निशाना बनाया गया। काशान के पास यहयाबाद रेलवे पुल पर हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और 3 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम ईरान में तबरीज-जंजान हाईवे के पुल पर भी हमला किया गया।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने मंगलवार को रात 8 बजे (अमेरिका समयानुसार) तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला, तो उसके जरूरी ठिकानों पर हमला किया जाएगा।
इन हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए UAE के शारजाह में हमला किया। ईरान पहले ही कह चुका था कि अब वह चुप नहीं बैठेगा। अमेरिका और उसके सहयोगियों के ठिकानों को निशाना बनाएगा।

इजराइल ने सोमवार को ईरान के बुशहर नेवी बेस पर हमला किया। यहां नेवल बेस के साथ एयरफोर्स बेस, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन के अंडरग्राउंड स्टोरेज मौजूद थे।

ईरान ने सोमवार को इजराइल के पेटाह टिकवा शहर पर मिसाइल हमला किया।

इजराइल के पेटाह टिकवा में सोमवार को सड़क पर मिसाइल गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
तेल संकट का चीन पर असर क्यों नहीं, 20 साल पहले इमरजेंसी भंडार बनाए
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच जहां कई देश ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं, वहीं चीन पर इसका असर बाकी दुनिया के मुकाबले कम दिखाई दे रहा है। इसकी वजह यह है कि चीन खुद को कई सालों से ऐसे हालात के लिए तैयार कर रहा था।
चीन दुनिया का सबसे बड़ा तेल खरीदने वाला देश है, इसलिए अगर तेल की सप्लाई में रुकावट आती है तो उसे सबसे ज्यादा नुकसान होना चाहिए था। लेकिन चीन ने पहले से ही बड़ी मात्रा में तेल जमा करके रखा हुआ है। इसके अलावा चीन बिजली से चलने वाले सिस्टम पर शिफ्ट कर चुका है और कोयले से भी जरूरी चीजें बना रहा है।
चीन ने धीरे-धीरे अपनी ऊर्जा पॉलिसी को इस तरह बदला कि वह वैश्विक सप्लाई शॉक का सामना कर सके। सरकार ने अहम सेक्टर्स में निवेश बढ़ाया और इंडस्ट्रियल स्ट्रेंथ को राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा बनाया।
ट्रम्प ने साउथ कोरिया और जापान को किम जोंग उन का डर दिखाया
डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को NATO, ऑस्ट्रेलिया, जापान और साउथ कोरिया की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन देशों ने ईरान जंग में अमेरिका की मदद नहीं की। उन्होंने यह बात व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही।
उन्होंने कहा- आप जानते हैं किसने हमारी मदद नहीं की? साउथ कोरिया ने मदद नहीं की। ऑस्ट्रेलिया ने मदद नहीं की। जापान ने मदद नहीं की।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि जापान में करीब 50,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, ताकि उसे उत्तर कोरिया से बचाया जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि साउथ कोरिया में करीब 45,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं, ताकि उसे किम जोंग उन से बचाया जा सके, जिनसे मेरे (ट्रम्प) अच्छे रिश्ते हैं।
ईरान की धमकी- अब मिडिल ईस्ट के बाहर भी हमला करेंगे
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मंगलवार को अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी कि उनका जवाब सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह वहां के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बना सकते हैं।
गार्ड्स ने अपने बयान में कहा कि अब तक उन्होंने संयम बरता था, लेकिन अब वह खत्म हो चुका है। बयान में कहा गया कि ईरान अब अमेरिका और उसके सहयोगियों के ऐसे ढांचे को निशाना बना सकता है, जिससे उन्हें इस इलाके के तेल और गैस संसाधनों से दूर कर दिया जाए।
ईरान ने यह भी कहा कि उसने अब तक पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्तों की वजह से संयम रखा था, लेकिन अब वह स्थिति नहीं रही। गार्ड्स ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सेना ने हद पार की, तो अंजाम बुरा होगा।
इजराइल की चेतावनी- ईरानी जनता रेल से सफर न करे
इजराइल ने ईरान में लोगों को ट्रेन से सफर न करने की चेतावनी जारी की है। इसमें कहा गया है कि अगले 12 घंटे तक ट्रेन का इस्तेमाल न करें और रेल की पटरियों से भी दूर रहें।
इजराइली सेना (IDF) ने मंगलवार को एक्स पर जारी बयान में कहा, “प्रिय नागरिकों, आपकी सुरक्षा के लिए हम आपसे अपील करते हैं कि अभी से लेकर रात 9 बजे (ईरान समय) तक पूरे देश में ट्रेन से यात्रा न करें। ट्रेन और रेलवे लाइनों के पास आपकी मौजूदगी आपकी जान के लिए खतरा हो सकती है।”
ट्रम्प ने ईरान को होर्मुज खोलने के लिए मंगलवार रात 8 बजे (अमेरिकी समय) तक का समय दिया है, लेकिन इजराइल की चेतावनी उससे करीब 6.5 घंटे पहले खत्म हो जाएगी।
हिजबुल्लाह का इजराइली हेलिकॉप्टरों पर रॉकेट अटैक
लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने उत्तरी इजराइल के श्लोमी और इवन मेनाचेम शहरों पर रॉकेट हमले किए हैं।
इसके अलावा, संगठन ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाकों ने दक्षिणी लेबनान के अल-बैयादाह क्षेत्र के ऊपर दो इजराइली हेलिकॉप्टरों को जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (सर्फेस-टू-एयर मिसाइल) से निशाना बनाया।
हिजबुल्लाह का कहना है कि इस हमले के बाद दोनों हेलिकॉप्टरों को लेबनानी हवाई क्षेत्र छोड़कर पीछे हटना पड़ा।