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8 अप्रैल 2026
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खार्ग पर हमले के बाद ईरान ने अमेरिका को दिखाया ठेंगा, राष्ट्रपति पेजेशकियन बोले- 1 करोड़ 40 लाख सैनिक तैयार, लेकिन झुकेंगे नहीं

खार्ग पर हमले के बाद ईरान ने अमेरिका को दिखाया ठेंगा, राष्ट्रपति पेजेशकियन बोले- 1 करोड़ 40 लाख सैनिक तैयार, लेकिन झुकेंगे नहीं
खार्ग पर हमले के बाद ईरान ने अमेरिका को दिखाया ठेंगा, राष्ट्रपति पेजेशकियन बोले- 1 करोड़ 40 लाख सैनिक तैयार, लेकिन झुकेंगे नहीं

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट युद्ध का आज 39वां दिन है। इसी के साथ मंगलवार की रात डोनल्ड ट्रंप की होर्मुज को खोलने की डेडलाइन भी पूरी हो रही है। जैसे-जैसे ट्रंप की दी गई डेडलाइन करीब आ रही है, ईरान में तैयारी बढ़ती जा रही है। 

मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दावा किया कि देश की रक्षा के लिए 1 करोड़ 40 लाख से ज्यादा ईरानी अपनी जान कुर्बान करने को तैयार हैं। राष्ट्रपति ने खुद भी इस कुर्बानी के लिए तैयार होने की कसम खाई।

जान कुर्बान करने को तैयार 

राष्ट्रपति पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा, 'अब तक 1.4 करोड़ से ज्यादा ईरानियों ने ईरान की रक्षा में अपनी जान कुर्बान करने की इच्छा जाहिर की है। मैं भी ईरान के लिए अपनी जान कुर्बान करने को तैयार था, हूं और रहूंगा।' यह बयान ट्रंप के कड़े अल्टीमेटम के जवाब में आया है। 

 

 

President Pageshkian

ट्रंप का अल्टीमेटम 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे तक होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलने का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने आदेश का पालन नहीं किया तो देश के हर बिजली उत्पादन संयंत्र और पुलों पर एक साथ भारी बमबारी की जाएगी। ट्रंप ने कहा कि इन सुविधाओं को मात्र चार घंटे में 'जलते हुए, धमाकों की चपेट में और हमेशा के लिए बेकार' कर दिया जाएगा।

TRUMP (8)

ईरान में मचेगी तबाही?

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, 'पूरे देश को एक ही रात में तबाह किया जा सकता है और वह रात शायद कल रात ही हो।'उन्होंने आगे चेतावनी दी, 'कल रात 8 बजे के बाद उनके पास कोई पुल नहीं बचेगा, कोई पावर प्लांट नहीं बचेगा। वे पाषाण युग में चले जाएंगे।'

कलाकारों से मंत्री की अपील 

इससे पहले ईरान के उप खेल मंत्री अलीरेजा रहीमी ने भी देश के एथलीटों, कलाकारों, युवाओं, छात्रों और शिक्षकों से अपील की थी कि वे बिजली संयंत्रों के चारों ओर 'मानव श्रृंखला' बनाकर अमेरिकी हमलों का प्रतिरोध करें।