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17 मई 2026
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अमेरिका और इरान में फिर से युद्ध की तैयारी, अमेरिका ने किए 50 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात

अमेरिका और इरान में फिर से युद्ध की तैयारी, अमेरिका ने किए 50 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात
अमेरिका और इरान में फिर से युद्ध की तैयारी, अमेरिका ने किए 50 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात

अमेरिका अगले हफ्ते ईरान पर दोबारा सैन्य हमले की तैयारी कर रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंटागन ने हमले के कई विकल्प तैयार किए हैं और अब अंतिम फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को लेना है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई बढ़ाने की योजना तैयार है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हमले के विकल्पों में ईरान के सैन्य और इंफ्रास्ट्रक्चर ठिकानों पर बड़े हवाई हमले शामिल हैं।

एक विकल्प अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन फोर्सेज को जमीन पर उतारकर इस्फहान परमाणु साइट में दबे परमाणु सामग्री यानी एनरिच्ड यूरेनियम तक पहुंचने का भी है। हालांकि अधिकारियों ने माना कि ऐसा ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा होगा और इसमें भारी सैन्य नुकसान हो सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट में 50 हजार से ज्यादा सैनिक तैनात रखे हैं। इसके अलावा दो एयरक्राफ्ट कैरियर, एक दर्जन से ज्यादा नेवी डेस्ट्रॉयर और बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान भी क्षेत्र में मौजूद हैं। करीब 5 हजार मरीन और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के 2 हजार पैराट्रूपर्स भी आदेश का इंतजार कर रहे हैं।

1. ट्रम्प-जिनपिंग में ईरान जंग पर दो बातों पर सहमति: दोनों नेताओं ने माना कि मौजूदा युद्ध खत्म होना चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला रहना चाहिए। हालांकि चीन ने युद्ध खत्म कराने में बड़ी भूमिका के संकेत नहीं दिए।

2. BRICS देशों में ईरान मुद्दे पर एक राय नहीं बनी: नई दिल्ली में हुई BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान युद्ध को लेकर सदस्य देशों के बीच मतभेद दिखे। साझा बयान में कहा गया कि इस मुद्दे पर सभी देशों की सोच अलग-अलग है।

3. अमेरिका का दावा- चीन अब ज्यादा अमेरिकी तेल खरीदेगा: अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि युद्ध के बीच चीन अमेरिका से तेल खरीद बढ़ा सकता है। उन्होंने होर्मुज में जहाजों की सामान्य आवाजाही को जरूरी बताया।

4. चीन ने अमेरिका-ईरान से बातचीत जारी रखने की अपील की: चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि होर्मुज संकट का समाधान सिर्फ स्थायी युद्धविराम और बातचीत से निकल सकता है। उन्होंने कहा कि ताकत नहीं, कूटनीति ही सही रास्ता है।

5. जर्मनी ने ईरान से तुरंत बातचीत शुरू करने को कहा: जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज ने कहा कि ईरान को तुरंत बातचीत की टेबल पर आना चाहिए और उसे परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट खोलने की भी मांग की।

 

ईरान ने होर्मुज में आवाजाही को लेकर नया सिस्टम तैयार किया

ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को कंट्रोल करने के लिए एक नया सिस्टम तैयार कर लिया है, जिसे जल्द लागू किया जाएगा।

अजीजी के मुताबिक, इस सिस्टम के तहत एक तय रास्ते से जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने साफ किया कि इस व्यवस्था का फायदा सिर्फ उन्हीं व्यावसायिक जहाजों को मिलेगा जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे।

 

ईरान ने UAE और ओमान को धमकी दी

ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने कुवैत और UAE को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अब तक संयम बरता है, लेकिन यह हमेशा नहीं चलेगा।

मोखबर ने कहा कि इन देशों ने अपने इलाके को ईरान के दुश्मनों के इस्तेमाल के लिए खुला छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने लंबे समय तक उन्हें दोस्त और भाई माना, लेकिन अब उन्होंने अपनी आजादी तक बेच दी है और अपने देश की जमीन दुश्मनों को इस्तेमाल करने दी है।

उन्होंने हालिया युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान ने जिन ठिकानों को निशाना बनाया, वे अमेरिकी ठिकाने थे और ईरान ने पूरी ताकत से जवाब नहीं दिया था। उनका कहना था कि यह संयम स्थायी नहीं है और आगे हालात बदल सकते हैं।

ईरान बोला- महंगाई सिर्फ युद्ध की वजह से नहीं, हमारी गलतियां भी जिम्मेदार

ईरान के गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने माना है कि देश में सामानों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है और इसके पीछे सिर्फ युद्ध नहीं, बल्कि घरेलू आर्थिक कमियां भी जिम्मेदार हैं।

मंत्रालय के प्रवक्ता अली जैनिवंद ने कहा कि कुछ चीजों की कीमतें बेहद ज्यादा बढ़ी हैं और इसे नकारा नहीं जा सकता। सरकार ने ऐसे कई क्षेत्र चिन्हित किए हैं जहां कीमतों को नियंत्रित किया जा सकता है और जिनका सीधा संबंध युद्ध से नहीं है।