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17 मई 2026
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अलवर में लुटेरी दुल्हनों का संगठित गिरोह बेनकाब: शादी के नाम पर लाखों की ठगी

अलवर में लुटेरी दुल्हनों का संगठित गिरोह बेनकाब: शादी के नाम पर लाखों की ठगी
अलवर में लुटेरी दुल्हनों का संगठित गिरोह बेनकाब: शादी के नाम पर लाखों की ठगी

दैनिक सम्राट संवाददाता
अलवर (भंवर सिंह)।
अलवर शहर में शादी का झांसा देकर सीधे-साधे परिवारों को अपना शिकार बनाने वाले एक बड़े और संगठित लुटेरी दुल्हनों के गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस शातिर गिरोह ने एक ही पीडि़त परिवार को दो अलग-अलग दुल्हनों के जाल में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पहली दुल्हन जहां शादी के महज पांच दिन बाद पूरे परिवार को नशीला पदार्थ पिलाकर करीब 3 लाख रुपये नगद और कीमती सामान लेकर रफूचक्कर हो गई, वहीं गिरोह द्वारा कराई गई दूसरी शादी के बाद अब दूसरी दुल्हन लगातार पैसों की डिमांड कर परिवार पर दबाव बना रही है। पीडि़त की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने गिरोह के 10 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश की लडक़ी दिखाकर ठगे 3 लाख
मिली जानकारी के अनुसार, प्रेम नगर (मेहताब सिंह का नोहरा) निवासी पीडि़त अजय शर्मा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि जून 2025 में उसकी पहचान माचाड़ी निवासी बंटी नाम के व्यक्ति से हुई थी। बंटी ने उसकी मुलाकात मनोहर उर्फ पप्पी पंडित से कराई। इन दोनों ने अजय को मध्य प्रदेश की रहने वाली निशा नाम की एक युवती की फोटो दिखाई और कहा कि लडक़ी के पिता गंभीर रूप से बीमार हैं। शादी करवाने के बदले इलाज और शादी के खर्च के नाम पर करीब तीन लाख रुपए की मांग की गई।
पीडि़त के अनुसार, आरोपियों ने किस्तों में पैसे ऐंठना शुरू किया। पहले किराया-भाड़ा और अन्य खर्च बताकर पप्पी ने 30 हजार रुपये नकद ले लिए। इसके बाद 12 जनवरी 2026 को निशा को उसके भाई, मौसा और मौसी के साथ अलवर लाया गया, जहां टेल्को चौराहे के पास मनोहर उर्फ पप्पी को 2.30 लाख रुपये नकद दिए गए।
शादी के बाद लडक़ी करीब पांच दिन तक पीडि़त के जीजा और बहन के घर पर रही। इस दौरान पीडि़त परिवार ने दुल्हन के लिए करीब 60 हजार रुपये की जमकर खरीदारी की, जिसमें लहंगा, साड़ी, कपड़े, मंगलसूत्र, बिछिया और मेकअप का सामान शामिल था। लेकिन 17 जनवरी 2026 की रात को दुल्हन ने अपना असली रंग दिखाया। उसने पूरे परिवार के लोगों को दूध में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। अगली सुबह जब परिवार के लोग होश में आए, तो उनके होश उड़ गए। दुल्हन घर से गायब थी और उसके साथ आए रिश्तेदार भी फरार थे। तलाशी लेने पर पता चला कि अलमारी में रखे करीब 3 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और जेवरात भी गायब थे।
जब पीडि़त ने ठगी की शिकायत बिचौलिए बंटी और मनोहर से की, तो उन्होंने अपनी गलती मानने के बजाय मामले को दबाने के लिए अजय की शादी दूसरी लडक़ी आरती से कराने की बात कही। आरोपियों ने आरती को तलाकशुदा बताया और कहा कि वह फिलहाल माचाड़ी (राजगढ़) में रह रही है, जबकि असल में वह अलवर शहर के बांस वाली गली की रहने वाली थी। 23 जनवरी 2026 को आरती अपने भाई राम, तन्मय, मां और दोस्त छगन समेत अन्य लोगों के साथ अलवर पहुंची, जहां काशीराम चौराहे पर स्थित एक धर्मशाला बुक कर 300 से 400 लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई। इस शादी के दौरान भी आरोपियों ने अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे ऐंठे; कभी किराए के नाम पर 10 हजार, तो कभी ब्यूटी पार्लर ले जाने के नाम पर 10 हजार रुपये मांगे गए।
अब पीडि़त का आरोप है कि यह दूसरी दुल्हन भी उसी गिरोह का हिस्सा है और शादी के बाद से ही लगातार और पैसों की मांग कर रही है। पैसे न देने पर वह रिश्ता तोडऩे और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर परिवार पर मानसिक दबाव बना रही है।
कोतवाली थाना पुलिस ने पीडि़त अजय शर्मा की रिपोर्ट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और संगठित ठगी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश और उनके पुराने रिकॉर्ड खंगालने में जुट गई है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने पर क्षेत्र में हुई कई अन्य शादियों की ठगी के मामलों का भी खुलासा हो सकता है।