दैनिक सम्राट संवाददाता
बेंगलुरु (दलपतसिंह भायल)। स्थित भाजपा के राज्य कार्यालय जगन्नाथ भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का विफल होना सामान्य बात नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के अधिकारों के प्रति राजनीतिक उपेक्षा और विरोधी मानसिकता का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार महिलाओं को संवैधानिक अधिकार देने का बड़ा निर्णय पीएम मोदी ने लिया था, लेकिन कांग्रेस ने इसका समर्थन नहीं कर महिलाओं की उम्मीदों को तोड़ दिया।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित होना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस के विरोध के कारण महिलाओं का संसद और विधानसभा में प्रतिनिधित्व पाने का सपना टूट गया। कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी वर्षों से महिलाओं के अधिकारों पर सिर्फ भाषण देती रही, लेकिन उसे लागू करने का साहस नहीं दिखाया।
आर. अशोक ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती है और उनके राजनीतिक सशक्तिकरण में बाधा बन रही है। उन्होंने यहां तक सुझाव दिया कि कांग्रेस को अपना महिला प्रकोष्ठ ही भंग कर देना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस महिलाओं को मुफ्त योजनाओं के जरिए घर तक सीमित रखना चाहती है और उन्हें राजनीति में आगे नहीं बढऩे देना चाहती। साथ ही उन्होंने क्षेत्र पुनर्विन्यास (डिलिमिटेशन) के मुद्दे पर भी कांग्रेस की आलोचना की।
मुख्यमंत्री सिद्धारमेय्या पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आर्थिक संकट में है और बिजली दर बढ़ाने सहित कई करों का बोझ जनता पर डाला जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनावों में कांग्रेस को जनता करारा जवाब देगी।
इस अवसर पर विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी, भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष मालविका अविनाश और महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सी. मंजुला भी मौजूद थीं।
महिला आरक्षण विधेयक को समर्थन न देकर कांग्रेस ने देश की करोड़ों महिलाओं के साथ धोखा किया: भाजपा
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