रिपोर्ट दर्ज नहीं करने का आरोप, आर एल पी कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
दैनिक सम्राट संवाददाता
चाकसू (लोकेश कुमार गुप्ता)। चाकसू थाना परिसर में शुक्रवार देर रात उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब वेयरहाउस में कार्यरत एक मजदूर की मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं करने का आरोप लगाते हुए परिजन एवं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी आर एल पी के कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। देखते ही देखते मामला गरमा गया और थाने में जमकर नारेबाजी एवं हंगामा शुरू हो गया। देर रात तक थाने परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार निमोडिया स्थित एक वेयरहाउस में कार्यरत मजदूर की रविवार को काम के दौरान ऊपर से गिरने के कारण मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतक के परिजन न्याय की मांग को लेकर चाकसू थाने पहुंचे और संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज करने में गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे परिवार में नाराजगी बढ़ गई।इसी बात को लेकर सोमवार रात करीब 10 बजे मृतक के परिजन और आर एल पी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। थाने परिसर में पीडि़त परिवार को न्याय दो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करो जैसे नारे लगाए गए।प्रदर्शन के दौरान पुलिस और परिजनों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। कई बार स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को लोगों को शांत कराने के लिए समझाइश करनी पड़ी। आर एल पी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मजदूर की मौत जैसे गंभीर मामले में पुलिस की ओर से संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई और रिपोर्ट दर्ज करने में अनावश्यक देरी की गई।मृतक के परिजनों ने कहा कि उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और मृतक ही घर का मुख्य सहारा था। उन्होंने वेयरहाउस प्रबंधन और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना था कि यदि समय पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इधर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि घटना के समय किसी ने थाने में रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार रात में परिजन थाने पहुंचे, जिसके बाद पूरे मामले की जानकारी ली गई। पुलिस ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।देर रात तक थाने में पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया। हालांकि काफी समझाइश के बाद माहौल शांत हुआ, लेकिन पीडि़त परिवार और कार्यकर्ता जल्द कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में मजदूर सुरक्षा और श्रमिकों के कार्यस्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सख्त नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।