दैनिक सम्राट संवाददाता
जयपुर। राजस्थान में 1.60 लाख कर्मचारियों और अफसरों के तबादलों पर एक साल तक रोक लगाने की तैयारी है। 1 मई से शुरू होने जा रही जनगणना के मद्देनजर यह फैसला लिया जाएगा। जनगणना निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने कहा कि जनगणना में लगे सभी कर्मचारी-अफसरों के तबादलों पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा है। इनके तबादलों पर प्रतिबंध लगाने का मामला विचाराधीन है, इस पर जल्द आदेश जारी हो जाएंगे।
1-15 मई तक लोग पोर्टल पर खुद भर सकेंगे ब्योरा
जनगणना निदेशक विष्णु चरण मल्लिक ने कहा कि 1 से 15 मई तक लोग खुद जनगणना पोर्टल पर सेल्फ सेंसस कर सकेंगे। मकान लिस्टिंग से जुड़े 33 सवालों के जवाब इस पोर्टल पर भरने होंगे। इसके बाद पोर्टल पर सेल्फ सेंसस का अनिवार्य रूप से प्रगणक (जनगणना कर्मचारी) जाकर उसका सत्यापन करेंगे। जनगणना के पहले फेज में प्रगणक को डिजिटल जनगणना की सुविधा दी गई है। सेल्फ सेंसस पोर्टल का उपयोग स्मार्टफोन और कंप्यूटर से किया जा सकेगा।
मोबाइल और कंप्यूटर से दे सकेंगे सवालों के जवाब
मल्लिक ने कहा कि सेल्फ सेंसस के लिए पोर्टल पर मोबाइल नंबर देने पड़ेंगे। इसके बाद ओटीपी आएगा। इस ओटीपी के बाद प्रोसेस आगे बढ़ेगा। जनगणना में लगे कर्मचारी किसी से ओटीपी नहीं पूछेंगे, कोई भी ओटीपी पूछने के लिए फोन नहीं करेगा। जनगणना निदेशक ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
राजस्थान: जनगणना के कारण कर्मचारियों के एक साल तक नहीं होंगे ट्रांसफर
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