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19 अप्रैल 2026
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राजस्थान में 16 मई से शुरू होगा जनगणना 2027 का पहला चरण

राजस्थान में 16 मई से शुरू होगा जनगणना 2027 का पहला चरण
राजस्थान में 16 मई से शुरू होगा जनगणना 2027 का पहला चरण

मकान सूचीकरण कार्य रहेगा डिजिटल, स्व-गणना की सुविधा भी मिलेगी
दैनिक सम्राट संवाददाता
जयपुर
। जनगणना 2027 के तहत राजस्थान में प्रथम चरण का कार्य 16 मई 2026 से शुरू होकर 14 जून 2026 तक किया जाएगा। इस चरण में मकानसूचीकरण और मकानों की गणना (एचएलओ) का कार्य किया जाएगा। जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक ने बताया कि इस बार जनगणना को पूर्णत: डिजिटल और सहभागी बनाने की दिशा में ‘स्व-गणना’ की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके तहत नागरिक 1 मई से 15 मई 2026 के बीच ऑनलाइन माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। हालांकि, इसके बाद भी प्रगणक द्वारा फील्ड स्तर पर सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। उन्होंने साइबर सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि नागरिक केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें और ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। जनगणना कर्मी भी किसी प्रकार का ओटीपी या लिंक नहीं मांगेंगे।
इस कार्य के लिए करीब 1 लाख 60 हजार प्रगणक और पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे, जो घर-घर जाकर डेटा संग्रहण करेंगे। मकानसूचीकरण के दौरान भवनों, परिवारों, उपलब्ध सुविधाओं, परिसंपत्तियों तथा उपभोग से जुड़े कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इस प्रथम चरण का उद्देश्य आगामी जनसंख्या गणना के लिए एक सटीक और विश्वसनीय मास्टर फ्रेम तैयार करना है, ताकि दूसरे चरण में कोई भी व्यक्ति या परिवार गणना से वंचित न रह जाए। जनगणना कार्य के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्यभर में व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स और प्रगणकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
जनगणना प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए सीएमएमएस पोर्टल, एचएलबीसी वेब पोर्टल और एचएलओ मोबाइल ऐप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं, जिनसे निगरानी और डेटा संग्रहण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
निदेशक मल्लिक ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करते हुए सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं तथा प्रगणक के पहचान पत्र और क्यूआर कोड की जांच के बाद ही जानकारी साझा करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।