दैनिक सम्राट संवाददाता
बेंगलुरु/जालोर (दलपतसिंह भायल)। जालोर तहसील के आकोली गांव के मूल निवासी एवं वर्तमान में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तेलपुर (सिरोही) में वरिष्ठ शिक्षक (अंग्रेजी) के पद पर कार्यरत रतन सिंह भायल का 44वां जन्मदिन बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उनके मित्रों, शुभचिंतकों, सहकर्मियों एवं ग्रामीणों ने एकत्रित होकर उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके संघर्षमय एवं प्रेरणादायक जीवन पर प्रकाश डाला।
समारोह में मुख्य वक्त वक्ता प्रधानाचार्या महोदय शडॉ नरेंद्र सिंह चारण ने कहा कि रतन सिंह भायल का जीवन आज के युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। एक साधारण किसान परिवार में जन्म लेने वाले भायल ने बचपन से ही आर्थिक तंगी और अभावों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी परिस्थितियों के आगे घुटने नहीं टेके। अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए उन्होंने मजदूरी की, खेतों में पिताजी के साथ रात में सिंचाई (पोणत) किया तथा कक्षा 5वीं तक पारिवारिक पशु ओ को चराने का कार्य किया।
देशभक्ति की भावना ने उन्हें भारतीय सेना में जाने के लिए प्रेरित किया। रतन सिंह भायल ने करीब 17 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा देते हुए देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान निभाया। सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में रहकर उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की। सेना में उनका अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा उनके व्यक्तित्व की पहचान बनी।
सेना से सेवा निवृत्त होने के बाद भी उन्होंने समाज सेवा की भावना को बनाए रखा और शिक्षा के क्षेत्र को अपना कार्यक्षेत्र चुना। वर्तमान में वे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय तेलपुर (सिरोही) में वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एक शिक्षक के रूप में वे न केवल विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें जीवन के मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भी शिक्षा देते हैं। उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है और अपने जीवन को नई दिशा दी है।
शैक्षणिक दृष्टि से भी रतन सिंह भायल का सफर उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव (आकोली)से प्राप्त की और इसके बाद बी.ए., एम.ए. (अंग्रेजी और भूगोल) तथा बी.एड. की डिग्रियां हासिल कीं। सीमित संसाधनों के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त करना उनके दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास का परिचायक है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने उनके पारिवारिक जीवन का भी उल्लेख किया। उनकी धर्मपत्नी अनुराधा सिंह (वकील) है। 2002 से राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर और अब जिला और सेशन न्यायालय सिरोही में हैं।
एक किसान जवान की संघर्षमय सफल यात्रा- रतन सिंह भायल
एक किसान जवान की संघर्षमय सफल यात्रा- रतन सिंह भायल