दौसा के लोटवाड़ा गांव के हिमांशु अवस्थी बने युवाओं के लिए प्रेरणा
दैनिक सम्राट संवाददाता
जमवारामगढ़ (अंकिता शर्मा)। दौसा जिले के ग्राम लोटवाड़ा निवासी हिमांशु अवस्थी ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और संघर्ष के दम पर राजस्थान प्रशासनिक सेवा 2024 परीक्षा में 113वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि यह उनका पहला प्रयास था, जिसमें ही उन्होंने यह शानदार सफलता अर्जित की।
पहले प्रयास में ही इंटरव्यू तक पहुंचे, फिर नहीं मानी हार: हिमांशु अवस्थी ने क्लैट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अहमदाबाद स्थित निर्मला यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ से विधि की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।अपने पहले ही प्रयास में वे इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन सूची में स्थान नहीं बना सके। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास जारी रखा।
वकालत के साथ जारी रखी तैयारी: पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए हिमांशु ने राजस्थान उच्च न्यायालय में प्रैक्टिसिंग एडवोकेट के रूप में कार्य शुरू किया और अपना कार्यालय स्थापित किया। दिन में वे अदालत में वकालत करते और रात में पढ़ाई करते रहे। इसी कठिन दिनचर्या और समर्पण का परिणाम रहा कि उन्होंने आरएएस परीक्षा के पहले ही प्रयास में 113वीं रैंक हासिल कर ली।
संघर्ष, संतुलन और सफलता की मिसाल: हिमांशु की सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता पाई जा सकती है। उन्होंने अपने पेशे और पढ़ाई के बीच बेहतरीन संतुलन बनाकर युवाओं के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
परिवार और गुरुओं को दिया सफलता का श्रेय: हिमांशु अवस्थी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने ईश्वर, इष्टदेवता, माता-पिता, बहन, बहनोई और मामा को दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार के आशीर्वाद और मार्गदर्शन के बिना यह सफलता संभव नहीं थी।
‘दिन में वकालत, रात में मेहनत’ पहले ही प्रयास में आरएएस में 113वीं रैंक
‘दिन में वकालत, रात में मेहनत’ पहले ही प्रयास में आरएएस में 113वीं रैंक